आइये पढ़े एसईओ क्या होता है - Aaiye padhen SEO kya hota hai

एसईओ 1 ऐसी विज्ञान है जो किसी भी वेबसाइट को इस काबिल बनाती है कि उसके वेबपेज का लिंक खोज करने की सूरत में एक अच्छे खोज इंजन पे एक अच्छी स्थिति में नज़र आये। यानि के जैसे कोई व्यक्ति गूगल आदि में किसी कीवर्ड को सर्च करे तो सबसे पहले पेज पे वही वेबसाइट आती है जिनका पेज रैंक हाई होता है। पेज रैंक बढ़ाने के लिए एसईओ का ही मेन योगदान होता है।



एसईओ का पूरा अर्थ खोज इंजन अनुकूलन (Search Engine Optimization) है। एसईओ कोई बहुत पुराना साधन नहीं है बल्की एक नई विज्ञानं है। इसी एसईओ के कारण ही सूचना प्रौद्योगिकी ने बहुत ज्यादा तरक्की की है, यदि आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के लिए ट्रैफिक प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हो तो सबसे अच्छा और सस्ता तरीका सर्च इंजन है. आइये इसको समझने की कोशिश करते है। सभी इन्टरनेट यूजर जो वो सर्च करना चाहते है उसे टेक्स्ट के रूप में सर्च इंजन के सर्च बॉक्स में लिखते है 


और सर्च पे क्लिक करते ही उनके द्वारा लिखे टेक्स्ट से मिलते शब्दों वाली वेबसाइटो की एक लम्बी लिस्ट स्र्क्रीन पर दिखती है. इसके बाद वो इन्टरनेट यूजर एक - एक करके बहुत सी साइटों को ओपन कर लेता है. यदि आपके पास भी कोई ब्लॉग या वेबसाइट है तो आप भी यही चाहोगें के आपका ब्लॉग या वेबसाइट भी इसी तरह से सर्च में आए और आपको भी इस तरह के विजिटर मिल जाएँ. Read More Posts
एसईओ के फायदे क्या है?
  1. एसईओ के जरिये एक आम आदमी जो 10 से 15 डॉलर कमा रहा था आज वो 100 डॉलर से भी ज्यादा कमा रहा हैं। ये सब एसईओ की ही बदोलत सम्भव हो सका है।

  2. एसईओ के जरिये आप की साइट विश्व की प्रसिद्ध साइटों में शामिल हो सकती है और इसी के जरिये आप की वेबसाइट के विज्ञापन पर क्लिक भी बढ़ जाते है।

  3. एसईओ एक धीमी रफ्तार से चलने वाला साधन है मगर बहुत फायदेमंद है।
एसईओ को इस्तेमाल करने के तरीके
  1. अपनी वेबसाइट के हर पैराग्राफ पर चुने हुए एसईओ कीवर्ड का प्रयोग कम से कम दो बार जरुर करें. यह कीवर्ड आपके पैराग्राफ की सामग्री से मिलता जुलता होना चाहिए.

  2. पेज टाइटल:- यह बहुत महत्वपूर्ण है अपनी वेबसाइट के हर पृष्ठ शीर्षक में उस पेज की सामग्री से मिलता कीवर्ड लिखें. पृष्ठ शीर्षक की कुल लंबाई को कम से कम 65 अक्षर तक लिखने की कोशिश करें. हाइफ़न और अल्पविरामों का उपयोग न ही करें तो अच्छा है.

    <title> Your site tittle or page title </tittle>

  3. शीर्षक टैग:- यह भी बहुत महत्वपूर्ण है. H1 टैग के रूप में कीवर्ड का प्रयोग कर सकते हो.

  4. पेज यूआरएल:- अपने वेबसाइट के हर पेज के यूआरएल में उस पेज से मिलता कीवर्ड यूज़ करने की कोशिश करे.

  5. मेटा टैग:- अपनी वेबसाइट के हटमल में मेटा टैग का प्रयोग करें

  6. <meta name="description" content="your site description"> <meta name="keywords" content="keyword1, keyword2, keyword3">

  7. नेविगेशन:- आपकी साइट के प्रत्येक पृष्ठ पर दूसरे पेजों पर जाने के लिंक बनाए. यह आपकी साइट के पृष्ठ रैंकिंग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.

  8. साइट मैप: - अपनी साईट के लिए एक साईट मैप जरुर बनाए. इसके लिए आप साइटमैप जनरेटर का उपयोग कर सकते हो.
साइटमैप जनरेटर:- http://www.xml-sitemaps.com/

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