अपनी आंखों की ज्योति कैसे बढ़ाएं - Apni Aankhon ki jyoti kaise badhayen

Aankhon ki jyoti badhayen. आंखों की ज्योति बढ़ाएं Increase eyes flame.

बच्चों को बहुत जल्दी चष्मा लग जाता है.. क्या उन्होंने हमसे ज्यादा कंप्यूटर और टीवी देखा है? आंखों की रौशनी आहार, योग और जीवनशैली पर निर्भर करती है


आंखों की ज्योति बढ़ाएं:-
  • जिस आंख में कुछ गया हो तो पानी से धो लें न मसलें।
  • आँखों को स्वच्छ, शीतल और निरोगी रखने के लिए प्रातः बिस्तर से उठकर, भोजन के बाद, दिन में कई बारऔर सोते समय मुँह में पानी भरकर आँखों पर स्वच्छ, शीतल जल के छींटे मारें। इससेआँखों की ज्योति बढ़ती है।ध्यान रहे कि मुँह का पानी गर्म न होने पाये। गर्म होने पर पानी बदल लें। मुँह में से पानी निकालते समय भी पूरे जोर से मुँह फुलाते हुए वेग से पानी को छोड़ें। इससे ज्यादा लाभ होता है। आँखों के आस-पास झुर्रियाँ नहीं पड़तीं और आंखों की बीमारी दूर होती है।
  • रात को 1 चम्मच त्रिफला मिट्टी के बर्तन में भिगाकर सुबह निथरे पानी से आंख धोयें। इससे रोशनी बढ़ती है बीमारी नहीं होती।
  • पैरों के तलवे में सरसों के तेल की मालिश करने, स्नान से पूर्व अंगूठे को सरसों के तेल से तर कर देने से आंख के रोग नहीं होते, आंखों की रोशनी बढ़ती है।
  • आंखों की स्वस्थ्यता के लिए अच्छी नींद जरूरी है। वरना आंखों के नीचे काला पड़ जाता है और रोशनी धुंधली पड़ जाती है।
  • लगातार नहीं पढ़ना चाहिए। आंखों को विश्राम दें। सूर्य की रोशनी को टकटकी लगाकर नहीं देखना चाहिए।
  • यात्रा के दौरान पढ़ना नहीं चाहिए।
  • प्रातः नंगे पांव हरी घास पर टहलना चाहिए।
  • अधिक धूम्रपान, मदिरापान आंखों को नुकसान पहुंचाती है।
  • बच्चों को तीर, धनुष, गिल्ली डंडा खेलते समय सावधानी बरतें।
  • हरी इलाइची छोटी 10 ग्राम, सौंफ 20 ग्राम मिश्रण सबको महीन पीस लें। एक चम्मच चूर्ण के साथ पीने से आंखों की ज्योति बढ़ती है।
  • आंखों में सूजन हो जाने पर नीम के पत्ते को पीस कर , अगर दाई आंख में है तो बाएं पैर के अंगूठे पर नीम का पत्ती को पीस कर लेप करें। ऐसा अगर बाई आंख में हो तो दाएं अंगूठे पर लेप करें। आंखों की लाली व सूजन ठीक हो जायेगी।
  • अग्नि देखने से आंखों की ज्योति बढ़ती है, जबकि टीवी देखने से आंखों की ज्योति घटती है
  • जिन बच्चो की या जवानो की आँखों की रौशनी कमजोर है चश्मा पहनना पड़ता वे लोग प्राणमुद्रा का अभ्यास किया करें | हाथ की आखिरी दो उँगलियों का आखिरी हिस्सा अंगूठे के उपरी हिस्से से मिलाकर पहली दो उंगलियाँ सीधी रखें | जिनकी आँखे की रौशनी कमजोर है वे..लाल गाजर का रस पिया करें ...या हरा धनिया खूब खाएं सब्जी में, या उसकी चटनी बना कर खाएं |
  • गर्मी और धूप में से आने के बाद गर्म शरीर पर एकदम से ठंडा पानी न डालो। पहले पसीना सुखाकर शरीर को ठंडा कर लो। सिर पर गर्म पानी न डालो और न ज्यादा गर्म पानी से चेहरा धोया करो। बहुत रोशनी को और बहुत चमकीले पदार्थ को घूरकर न देखा करो।
  • नींद का समय हो जाए और आँख भारी होने लगे, तब जागना उचित नहीं। सूर्योदय के बाद सोये रहने, दिन में सोने और रात में देर तक जागने से आँख पर तनाव पड़ता है और धीरे-धीरे आँखे बेनूर, रुखी और तीखी होने लगती है
  • धूल, धुआँ और तेज रोशनी से आँख को बचाए।
  • मल-मूत्र और अधोवायु के वेग को रोकने, ज्यादा देर तक रोने और तेज रफ़्तार वाहन की सवारी करने से आँख पर सीधी हवा लगने के कारण आँख कमजोर होती है.
  • बालों पर रंग, हेयर डाई और केमीकल शैम्पू नहीं लगाएं..

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