भारत का इतिहास पढ़ें Bharat ka itihaas padhen

आज कल हमारे भारत के स्कूलों और कॉलेजों में जो भारत का इतिहास पढाया जाता है, उस इतिहास और वास्तविक इतिहास में बहुत अंतर है। वेदों और पुराणों में जो इतिहास वर्णित है, वो भी मात्र एक कोरा झूठ है। क्या कभी किसी ने सोचा जो भी इतिहास हमारे पुराणों, वेदों और किताबों में वर्णित है उस में कितना झूठ लिखा है।
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जो कभी घटित ही नहीं हुआ उसे आज भारत का इतिहास बना कर भारत की नयी पीढ़ी को गुमराह किया जा रहा है। पुराणों-वेदों में वर्णित देवता और असुरों का इतिहास? क्या कभी भारत में देवता हुआ करते थे‌? जो हमेशा असुरों से लड़ते रहते थे. आज वो देवता और असुर कहाँ है? भारत में कभी भी ना तो कभी देवता थे, ना है और ना ही कभी होंगे। ना ही भारत में कभी असुर थे, ना है और ना ही कभी होंगे। ये शास्वत सत्य है।

आज नहीं तो कल पुरे भारत को यह बात माननी ही होगी। क्योकि इन बातों का कोई वैज्ञानिक आधार ही नहीं है। जिन बातों का कोई वैज्ञानिक आधार ही नहीं है, उन बातों को इतिहासकारों ने सच कैसे मान लिया? इतिहासकारों ने बहुत घृणित कार्य किया है। उन्होंने बिना किसी वैज्ञानिक आधार पर बिना कोई शोध किये देवी-देवताओं को भारत के इतिहास की शान बना दिया।

इससे आगे का लेख पढ़ने के लिए http://chamarofficial.wordpress.com/2013/10/08/bharat-ka-itihas/ पर जाइये।

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