हस्ताक्षर व्यवहार का आइना है - Janiye hastakshar ka mahatva.

Signature is a mirror of behavior - हस्ताक्षर व्यवहार का आइना है - Janiye hastakshar ka mahatva.

हस्ताक्षर या लिखावट का सीधा संबंध हमारी सोच से होता है यानी हम जो सोचते हैं, करते हैं, जो व्यवहार में लाते हैं, वह सब कागज पर अपनी लिखावट व हस्ताक्षर के द्वारा दिखा देते हैं।


हस्ताक्षर हमारे व्यवहार, समय, जीवन और चरित्र का आइना है। किसी के हस्ताक्षर को देखकर हम जान सकते हैं की जीवन के प्रति उसकी क्या सोच और दूसरों के प्रति उसका कैसा व्यवहार है। आइए हस्ताक्षर विज्ञान के नियमों से लोगों की पर्सनैलिटी को समझने का प्रयास करें...
  1. जो व्यक्ति हस्ताक्षर में अक्षर नीचे से ऊपर की ओर जाते हैं तो वह ईश्वर पर आस्था रखने एवं आशावादी और साफ दिल के रहते हैं, लेकिन इनका स्वभाव झगडालू रहता है।
  2. जो लोग बिना पेन उठाए एक ही बार में पूरा हस्ताक्षर करते हैं वह रहस्यवादी, लडाकु और गुप्त प्रवृत्ति वाले होते हैं।
  3. ऊपर से नीचे की ओर हस्ताक्षर करने वाले लोग नकारात्मक विचारों वाले एवं अव्यावहारिक होते हैं। इनकी मित्रता कम लोगों से रहती है।
  4. जो व्यक्ति अंत में डॉट या डैश लगाते हैं वह डरपोक, शर्मीले और शक्की प्रवृत्ति के होते हैं।
  5. जो व्यक्ति अपने हस्ताक्षर इस प्रकार से लिखता है जो काफी अस्पष्ट होते हैं तथा जल्दी-जल्दी लिखे गये होते हैं, वह व्यक्ति जीवन को सामान्य रूप से नहीं जीता। उसे हर समय ऊँचाई पर पहुँचने की ललक लगी रहती है। यह व्यक्ति घोखा दे सकता है पर घोखा खा नहीं सकता।
  6. पेन पर जोर देकर लिखने वाले भावुक, उत्तेजक, हठी और स्पष्टवादी होते हैं।
  7. जल्दी से हस्ताक्षर करने वाले कार्य को गति से हल करने व तीव्र तात्कालिक बुद्धि वाले होते हैं।
  8. अवरोधक चिह्न लगाने वाले व्यक्ति हीनता का शिकार होते हैं। सामाजिकता व नैतिकता की दुहाई देते हैं और आलसी प्रवृत्ति के होते हैं।
  9. जिस व्यक्ति के हस्ताक्षर में अक्षर काफी छोटे और तोड़-मरोड़ कर खिलवाड़ करके बनाए गए हों और हस्ताक्षर बिल्कुल पढ़ने में नहीं आते, वह व्यक्ति बहुत ही धूर्त और चालाक होता है। वह अपने फायदे के लिए किसी का भी नुकसान करने और नुकसान पहुंचाने से नहीं चूकता।
  10. जो व्यक्ति अपने हस्ताक्षर के नीचे दो लकीरें खींचता है, वह भावुक होता है, पूरी शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाता, मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर होता है और उसके जीवन में असुरक्षा की भावना रहती है। ऐसा व्यक्ति थोडा कंजूस स्वभाव का होता है।
  11. जो व्यक्ति अपने हस्ताक्षर में नाम का पहला अक्षर सांकेतिक रूप में तथा उपनाम पूरा लिखता है और हस्ताक्षर के नीचे बिंदु लगाता है, वह मृदुभाषी और व्यवहार कुशल होता है। ईश्वरवादी होने के कारण उसे किसी भी प्रकार की लालसा नहीं सताती।
  12. जो व्यक्ति अपने हस्ताक्षर के अंतिम शब्द के नीचे बिंदु रखता है, वह विलक्षण प्रतिभा का धनी होता है। ऐसा व्यक्ति जिस क्षेत्र में जाता है, काफी प्रसिद्धि प्राप्त करता है और ऐसे व्यक्ति से बड़े-बड़े लोग सहयोग लेने को उत्सुक रहते हैं।
  13. जो अपने हस्ताक्षर स्पष्ट लिखते हैं तथा हस्ताक्षर के अंतिम शब्द की लकीर, या मात्रा को इस प्रकार खींच देते हैं, जो ऊपर की तरफ जाती हुई दिखाई देती है, ऐसे व्यक्ति दिल के बहुत साफ होते हैं और हरेक के साथ सहयोग करने के लिए तैयार रहते हैं। वे मिलनसार, मृदुभाषी, समाजसेवक, परोपकारी होते हैं। ऐसे व्यक्ति कभी किसी का बुरा नहीं सोचते।
  14. जिन लोगों के दस्तखत के अक्षर ऊपर की तरफ जाते हैं, उनका स्वभाव महत्वाकांक्षी तथा उत्साही होता है। यह व्यक्ति सकारात्मक दृष्टि रखने वाले होते हैं। 
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