शरीर पर तिल का महत्व - Sharir par til ka mahatav

Mole on the importance of body, शरीर पर तिल का महत्व, Sharir par til ka mahatav.

तिल शरीर की त्वचा पर बगैर उभरा हुआ चिन्ह होता है. मस्सा धनिया के दाने के आकार का उभरा हुआ काला चिन्ह होता है. लहसन त्वचा पर परछाईंनुमा चिन्ह होता है और भंवरी अंग विज्ञान में बालों के गोल वृत्त को कहा जाता है.

 
विभिन्न अंगों पर तिल आदि चिन्हों के लक्षण और फल भी विभिन्न होते है. आपको एक बात हम बता दे स्त्रियों का बांया और पुरुषों का दांया अंग अंगशास्त्र में शुभ माना गया है.
  • ललाट पर तिल - ललाट के मध्य भाग में तिल निर्मल प्रेम की निशानी है।
  • ललाट के दाहिने तरफ का तिल किसी विषय विशेष में निपुणता, किंतु बायीं तरफ का तिल फिजूलखर्ची का प्रतीक होता है।
  • ललाट या माथे के तिल के संबंध में एक मत यह भी है कि दायीं ओर का तिल धन वृद्धिकारक और बायीं तरफ का तिल घोर निराशापूर्ण जीवन का सूचक होता है।
  • व्यक्ति के गले के पीछे तिल आदि चिन्ह है तो ये चिन्ह व्यक्ति को सौभाग्यशाली बनाते है.
  • अगर चिन्ह व्यक्ति की दोनों भोंहों में किसी भी स्थान में होते है तो इनके लक्षण अशुभ होते है.
  • भोंहों के मध्य रिक्त स्थान पर तिल चिन्ह होते है तो अति उत्तम फल प्रदान करते है.
  • पलकों की जगह पर तिल चिन्ह होते है तो इनका फल शुभ नहीं होता है.
  • अगर कनपटी पर तिल के निशान है तो व्यक्ति वैरागी या सन्यासी होता है...
  • नाक के अग्र भाग पर तिल चिन्ह है तो व्यक्ति विलासी होता है.
  • अगर यही तिल आपके गाल पर है तो समझ लीजिए आपको पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं भी हुई तो देर- सवेर जरूर होगी.
  • आपके ऊपरी होंठ पर तिल है तो यह धनवान और प्रतिष्ठावान होने का सूचक है.
  • अगर तिल आपके नीचले होंठ पर है तो यह आपके प्रतिष्ठावान या धनवान नहीं, बल्कि महाकंजूस और मक्खीचूस होने का परिचायक है.
  • ठोड़ी पर भी तिल होना शुभ होता है. इससे व्यक्ति को धन की प्राप्ति होती है. वह कभी भी भूखा या अभावों में नहीं रहता है.
  • अगर तिल गले में है तो व्यक्ति दीर्घायु होता है ऐशोआराम के साधन बड़ी सुगमता से मिलते रहते है.
  • अगर तिल कंधे और गर्दन के जोड़ पर है तो इसका फल अशुभ होता है.
  • कानो पर है तो विद्या व धन की प्राप्ति होती है.
  • अगर व्यक्ति के हृदय भाग में तिल है तो वह पुत्रवान होता है.
  • यदि तिल वक्षों के इर्द गिर्द होता है तो भी उपरोक्त फल ही प्राप्त होता है.
  • पेट और कमर के जोड़ के आस पास में तिल है तो अनिष्ट होता है.
  • तिल सीने पर है तो मनोकामनाये खुद ब खुद ही पूरी होती है.
  • तिल आपके दोनों कंधो पर है तो समझ लीजिए आपका जीवन संघर्षपूर्ण ही रहेगा.
  • यदि आपके कोख में तिल है तो आपके लिए शुभ नहीं है. अनेक तरह से आपको धन हानि ही होती रहेगी.
  • आपके दांये कंधे पर तिल चिन्ह है तो इसका मतलब आप तेज बुद्धि और विकसित ज्ञान वाले है
  • आपके कमर स्थान पर तिल है तो समझ लीजिए आपके दुखों का नाश होता रहेगा और आप पुनः नए सिरे से उभर कर सामने आते रहेंगे.
  • अगर तिल आपकी बांह में कोहनी के नीचे है तो इसका भी फल आपके हित में जाता है. आपके शत्रुओं का समय असमय कुदरती रूप से नाश होता रहेगा और आपको पता भी नहीं चलेगा.
  • मगर तिल आपकी कलाई पर है तो आपकी ख़ैर नहीं है. आपको भविष्य में जेल की सजा भोगनी पड़ सकती है. यदि यही तिल हाथ की त्वचा पर है तो आपको स्वर्णाभूषणों की प्राप्ति होगी.
  • आपके हाथ की उंगलियो के मध्य में तिल चिन्ह है तो आप निश्चित रूप से सौभाग्यशाली व्यक्ति है.
  • यदि तिल हथेली के मध्य भाग में है तो इसके लक्षण धन की प्राप्ति कराने वाले होते है.
  • पेट पर तिल चिन्हों को शुभ नहीं माना जाता है. इससे व्यक्ति को दुःख दरिद्रता घेरे रहती है.
  • अगर तिल नाभि के इर्द गिर्द हो तो व्यक्ति को धन सम्पन्नता की प्राप्ति होती है.
  • तिल यदि पेडू अर्थात नाभि से थोडा नीचे है तो व्यक्ति कभी भी दरिद्र नहीं होता है.
  • घुटनों पर तिल होने से शत्रुओ का स्वत: ही नाश हो जाता है.
  • पिंडली पर तिल होना सदैव अशुभ माना गया है.
  • टखनों पर भी तिल चिन्ह अशुभ फल देते है.
  • कूल्हे के ऊपर तिल हो तो धन नाश का कारण बन सकता है.
  • तिल एड़ी में है तो तब भी धन और मान सम्मान की हानि होती है.
  • अगर तिल पैरों पर होते है तो व्यक्ति को घूमने के अवसर मिलते है.
  • पांवो की उंगलियो में तिल होता है तो बंधनमय जीवन नसीब होता है.
  • तिल पांवों के अंगूठे पर है तो व्यक्ति को अपने घर समाज एवं बिरादरी में मान सम्मान की प्राप्ति होती है.
  • जिन स्त्रियो के बांये गाल पर तिल चिन्ह होते है. उन्हें पुत्र की प्राप्ति होती है. और उन्हें बुढ़ापें में सन्तान सुख भी मिलता है.
  • अगर यही तिल भोंहों की नोक या माथे पर होते है तो उस स्त्री को राजपद या महारानी बनने की संभावना रहती है.
  • यदि यही तिल नाक के अग्र भाग में हो तो वह स्त्री परम सुख की भागी हो सकती है....

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