आपका मुड कैसा हैं - Aapka mood kaisa hai?

एक बार मुझसे किसी ने कह दिया था, समझ में नहीं आता, आप किस मुड के आदमी हैं.
मैं मुस्करा पड़ा था. बोला - मस्त मुड का आदमी हूँ. मुझे कभी किसी चीज की जररूत नही होती.



स्थिति के हिसाब से अपने को आसानी से बदल लेता हूँ. सच, ये सब आसानी से हो जाता है.
ऐसा कि हवाएं भी देखकर मुझे हैरान हो जाती. इसमें कहीं कोई प्रसंशा नहीं है. जो सच है वही है.

एक दिन मैंने हवाओं से पूछा - मैं जिधर चलूँगा. मेरे साथ चलोगे. 
हवाओं का शोर........... अरे तुम चलो तो. और तभी से चल पड़ा. चलता रहा. अभी भी चल रहा हूँ.
पता नहीं क्या क्या पीछे रह गया, याद नहीं. मगर हवाओं का आभारी हूँ.
जिन्होंने मुझे धक्के दे देकर आगे बढाया. आप भी हवाओं को अपना दोस्त बना लीजिये. चलना कम पड़ेगा.
हवाएं साथ देंगी. और एक दिन मेरे हाथों में आपका हाथ होगा. 
हम साथ ही आगे बढ़ेंगे सफलता की ओर निश्चिंत रहिये मगर सक्रीय रहिये. -अशोक भैया

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