दुर्गा माता की आरती Durga mata ki aarti

प्रिय मित्र, सनातन संस्कृति में पूजा का अपना एक अलग महत्व है, अब आप इन्टरनेट पर भी आरती पढ़ सकते हैं. इस पोस्ट पर आप दुर्गा माता जी की आरती पढ़ सकते हो.



दुर्गा माता की आरती :-

    जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत
    मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी ।| जय अम्बे गौरी ॥

    माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को |मैया टीको मृगमद को
    उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको|| जय अम्बे गौरी ॥

    कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे| मैया रक्ताम्बर साजे
    रक्त पुष्प गले माला कण्ठ हार साजे|| जय अम्बे गौरी ॥

    केहरि वाहन राजत खड्ग कृपाण धारी| मैया खड्ग कृपाण धारी
    सुर नर मुनि जन सेवत तिनके दुख हारी|| जय अम्बे गौरी ॥

    कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती| मैया नासाग्रे मोती
    कोटिक चन्द्र दिवाकर सम राजत ज्योति|| जय अम्बे गौरी ॥

    शम्भु निशम्भु बिडारे महिषासुर घाती| मैया महिषासुर घाती
    धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती|| जय अम्बे गौरी ॥

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