दगा किसी का सगा नहीं Daga kisi ka saga nahi

Someone does not Betrayed किसी से दगा ना करें Kisi se daga na kre.

दगा किसी का सगा नहीं होता। आज का पोस्ट इसी विषय पर आधारित है। दोस्तों जिन्दगी में कुछ भी हो जाएँ, लेकिन कभी भी किसी से भी दगा ना करें।

क्योंकि दगा करने वाला व्यक्ति कभी भी शांति से नहीं रह सकता और एक न एक दिन उसे उसके द्वारा किये गए दगे की कीमत चुकानी पड़ती है। आपने कौरवों और पांडवो के किस्से बहुत बार सुने ही होंगे। कौरवो ने पांडवो से दगा किया था। और उन्हें इसके भयंकर परिणाम को भुगतना पड़ा। आइये एक कहानी पढ़ते है।

एक बार 4 चोर थे। उन्होंने एक जगह चोरी करने की योजना बनाई। चोरी करने से पहले उन्होंने तय किया कि जितना भी धन होगा उसके बराबर – बराबर 4 हिस्से किये जाएँगे। यानि सभी को बराबर का धन मिलेगा। निर्धारित दिन उन्होंने चोरी कर ली। सारा धन उन्होंने एक जगह छिपा दिया।

कुछ दिन बीत जाने के बाद उन्होंने धन बाँटने का दिन निश्चित किया। दो चोर निश्चित जगह पर पहले पहुँच गए। उन चोरो का मन बेईमान होने लगा। एक चोर बोला – क्यों ना हम उन दोनों को आते ही मार दें। फिर सारा धन हम दोनों का हो जाएगा। दूसरा चोर सहमत हो गया।

दो चोर अभी आने वाले थे, उनमे से एक बोला क्यों ना हम उन दोनों के लिए भोजन लेकर चले और उस भोजन में जहर मिला दें जिससे वो दोनों मर जाएँगे, फिर सारा धन हम दोनों का हो जाएगा। दूसरा चोर सहमत हो गया। उन्होने भोजन में जहर मिलाया और बटवारे वाली जगह की तरफ चल दिये। इस तरह चारो चोर दो गुटों में बट गए, और एक गुट ने दुसरे गुट हो मारने की योजना बना ली।

जैसे ही वो दोनों चोर निश्चित जगह पर पहुंचे, इन्तजार कर रहे चोरो ने उन पर हमला कर दिया, और उन्हें मार दिया। उन चोरो का ध्यान भोजन पर गया, उन्हें बहुत भूख लगी हुई थी, इसलिए वो उस भोजन को खाने लगे। जहर मिला भोजन खाने के कारण वो दोनों चोर भी वहीँ पर मर गए। उनका सारा धन वहीँ पर रह गया।

दोस्तों ये तो एक कहानी है। लेकिन इसमें कोई शक नहीं है की “दगा किसी का सगा नहीं है”।

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