पढ़िए स्वामी विवेकानंद के दोहें Padhiye Swami Vivekanand ke dohe

पढ़िए स्वामी विवेकानंद के दोहें हिंदी में.
Padhiye Swami Vivekanand ke dohe hindi mein.
Read couplets of Swami Vivekanand in hindi.


संत विवेकानंद तुम, शुभ-संस्कृति का कोष।
गुँजा दिया इस सृष्टि में, भारत का जय घोष।।

उठो, जगो, आगे बढ़ो, पाओ जीवन-साध्य।
तुमने कहा कि राष्ट्र ही, एकमेव आराध्य।।

रोम-रोम पुलकित हुआ, गाकर दिव्य चरित्र।
जन्म तुम्हें देकर हुई, भारत भूमि पवित्र।।

साँस-साँस में राष्ट्रहित, शब्द-शब्द में ज्ञान।
राष्ट्रवेदिका पर किए, अर्पित तन मन प्राण।।

देव संस्कृति का किया, तप-तप कर उत्थान।
करता है दिककाल भी, ॠषि तेरा जयगान।।

सत्य और संस्कृति हुए, पाकर तुम्हें महान।
कदम मिलाकर चल पड़े, धर्म और विज्ञान।।

अनथक यात्री ने कभी, लिया नहीं विश्राम।
दिशा-दिशा के वक्ष पर, लिखा तुम्हारा नाम।

एक टिप्पणी भेजें