तुलसी माता जी की आरती - Tulsi Mata Ji ki aarti

तुलसी माता जी की आरती, Tulsi Mata Ji ki aarti.
प्रिय मित्र, सनातन संस्कृति में पूजा का अपना एक अलग महत्व है, अब आप इन्टरनेट पर भी आरती पढ़ सकते हैं. इस पोस्ट पर आप तुलसी माता जी की आरती पढ़ सकते हो.


जय जय तुलसी माता,
सबकी सुखदाता वर माता।

सब योगों के ऊपर,
सब रोगों के ऊपर,
रज से रक्षा करके भव त्राता।

बहु पुत्री है श्यामा, सूर वल्ली है ग्राम्या,
विष्णु प्रिय जो तुमको सेवे सो नर तर जाता।

हरि के शीश विराजत त्रिभुवन से हो वंदित,
पतित जनों की तारिणि तुम हो विख्याता।

लेकर जन्म बिजन में, आई दिव्य भवन में,
मानव लोक तुम्हीं से सुख संपति पाता।

हरि को तुम अति प्यारी श्याम वर्ण सुकुमारी,
प्रेम अजब है श्री हरि का तुम से नाता।

जय जय तुलसी माता।

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