गले की सूजन का इलाज Gale ki sujan ka ilaz

लेरिन्जाइटिस को कण्ठमाला की सूजन भी कहा जाता है। यह समस्या होने पर गले में सूजन और जलन होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप का बैठना और आवाज के नुकसान जैसी सामान्य लक्षण देखने को मिल जाते है। हांलाकि कण्ठमाला की सूजन का इलाज घरेलू तरीकों से किया जा सकता है।
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आज हम आपको गले से जुड़ी दिक्कतों के इलाज बारे में बता रहे हैं:  Read More Posts
  • प्याज का रस: प्याज कण्ठमाला के इलाज के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है। प्याज का सिरप गले की सूजन को प्राकृतिक तरीके से ठीक करता है। गले में दर्द होने पर प्याज को छोटे-छोटे टुकड़ो में काटकर मिक्सी में पीसकर सिरप तैयार कर लें। उसके बाद गर्म पानी में दो चम्मच रस डाल कर पीएं। दर्द में आपको तुरंत आराम होगा। 
  • नमक: एक कप गर्म पानीएक कप गर्म पानी में एक चुटकी नमक कण्‍ठमाला में सूजन को दूर करने में सहायक होती है। एक कप गर्म पानी में एक चम्‍मच नमक की मिलाकर हर दो घंटे बार गरारे करें। दिन के अंत तक आपको सूजन से बहुत राहत मिलेगी। 
  • लहसुन: लहसुन में एंटी-माइक्रोबियल गुण होता है,जो बैक्‍टीरिया और वायरस को मारने में मदद करता है। लहसुन खाने से गले की सूजन और बैठना की समस्‍या खुद ही कम हो जाती है। इसके लिए लहसुन की एक छोटी सी कली लेकर अपने मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसे। जल्‍द राहत के लिए उपाय को दिन में कई बार करें। 
  • अदरक: अदरक, गले के चारों ओर श्लेष्मा झिल्ली को शांत कर, सूजन से तुरंत राहत प्रदान करता है। समस्‍या होने पर एक पैन में कटा हुआ अदरक उबाल लें और कुछ देर उबालने के बाद इसे थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें। आप इसमें नींबू के रस की कुछ बूंदे और मीठा करने के लिए शहद मिला सकते हैं। इस अदरक की चाय का सेवन दिन में कई बार करें। इसके अलावा आप अदरक के टूकड़े को ऐसे भी मुंह में रखकर चूस सकते हैं। 
  • नींबू का रस: नींबू के रस की नेचुरल एसिड होता है,इसलिए यह बैक्‍टीरिया को मार कर कण्‍ठमाला की सूजन के लक्षणों से राहत प्रदान करने में मदद करता है।गले की सूजन की समस्‍या से बचने के लिए एक कप गर्म पानी में थोड़ा सा नमक और नींबू के रस की कुछ बूंदे मिलाकर मिश्रण से गरारे करें। तुरंत राहत पाने के लिए इस उपाय को दिन में कई बार करें।
  • सेब साइडर सिरका: सेब साइडर सिरका,बैक्‍टीरिया के कारण होने वाली कण्‍ठमाला की सूजन के खिलाफ बहुत कारगर उपाय है। इसके लिए एक कप पानी में दो बड़े चम्‍मच सेब साइडर सिरका और थोड़ा सा शहद मिलाकर इस मिश्रण को एक दिन में दो बार पीएं।
  • नीलगिरी का तेल: नीलगिरी के तेल में एंटी-वायरल,एंटी-माइक्रोबियल और एंटी बैक्‍टीरियल जैसे गुण इसे कंठमाला में जलन को शांत करने का सबसे सर्वात्तम उपाय बनाते है। नी‍लगिरी के तेल को उपयोग करने का सबसे अच्‍छा तरीका है कि आप इसकी भाप लें। इसके लिए एक पैन में उबलते पानी में कुछ बूंदे नीलगिरी के तेल की मिला लें। इसके बाद एक तौलिए के साथ सिर को कवर करके 10 मिनट तक इस भाप से सांस लें। दिन में दो बार इस उपाय को करें। 
  • कम बोलें: इन उपायों के बीच अपने गले को समुचित आराम दें। कम बोलें और तेज बोलने से बचें। क्‍योंकि तेज बोलने से पहले से ही सूजन क्षेत्रों में दबाव पड़ सकता है। Read More Posts
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