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जानिये माफ करने के फायदे Janiye maaf karne ke fayde

जानिये माफ करने के फायदे Janiye maaf karne ke fayde, Learn the benefits of forgiving.

माफ करने से यह पता चलता है कि हमारे दिल में सचमुच सकारात्मकता का भाव है. जिस तरह कहते हैं कि असली दीया वो होता है जो आँधियों में भी न बुझे, उसी दीये की पहचान सबसे अलग होती है


और वही दीया परमात्मा को भी बहुत प्रिय होता है; उसी प्रकार हमारे मन की भी सकारात्मकता की पहचान हमारे जीवन की ऐसी परिस्थितियों से ही होती है. सच तो है, कठिन परिस्थितियों से ही तो असली सकारात्मक व्यक्ति की पहचान होती है. क्या आप सभी अपने जीवन की ऐसी परिस्थितियों में भी सकारात्मक रहते हैं? आप अभी तक कितने सकारात्मक बन पाए हैं, इसका जवाब आप सबके पास है. आपके मन को कितनी और सकारात्मकता की ज़रूरत है, इसका जवाब आप सबके पास है. ऐसी परिस्थितियाँ हमारे मन का आईना होती हैं, जिसमें हम अपने मन को साफ़-साफ़ देख सकते हैं और उसे सही रास्ता दिखा सकते हैं.

माफ करने के फायदे:-
  • खुद की गलती को माफ करने से या दूसरों की गलती को माफ करने से मन में सकारात्मकता आती है और मन शांत रहता है.
  • कहा जाता है – “गलती करके माफ़ी मांगने वाले से भी बड़ा गलती माफ करने वाला होता है.”
  • जो व्यक्ति दूसरों की गलतियों को माफ कर देता है, उसे परमात्मा का आशीर्वाद ज़रूर प्राप्त होती है.
  • शायद हमने भी कभी गलती की होगी. शायद नहीं, सचमुच ही की होगी. इंसान तो गलतियों का पुतला है, गलती करके ही सीखता है. जब इंसान खुद गलती करे तब तो सीखे ही सीखे, दूसरों की गलतियों से भी इस बात का ध्यान रखे कि ये गलती भविष्य में उससे न हो. English में बहुत अच्छी कहावत है – “Always learn from the other experiences and their mistakes.” जब आपने किसी से कुछ सीख ली तो वह व्यक्ति आपके गुरु के बराबर हो जाता है. गुरु हमेशा बड़ा होता है इसलिए अपने से बड़ों को हमेशा माफ कर देना चाहिए.
  • जब हम किसी को माफ कर देंगे तो परमात्मा भी हमारी किसी गलती पर हमें माफ कर देंगे. क्योंकि कहते हैं न “जैसी करनी वैसी भरनी”, “जो बोओगे वही काटोगे”. किसी को माफ कर देने से कुदरत हमारी गलतियों को भी नज़रंदाज़ ज़रूर करेगी.
  • बुजुर्गों ने कहा है “कमज़ोर व्यक्ति कभी किसी को माफ नहीं कर सकता. माफ करना तो केवल एक बलवान की पहचान है”. इसका अर्थ है कि माफ करने वाला व्यक्ति अपने मन से शक्तिशाली होता है और माफ न करने वाला बुज़दिल. हम सभी के जीवन का पहला उद्देश्य तो सकारात्मक बनना ही है, तभी तो हम सब इस positive website से जुड़े हैं.
  • दूसरों को क्षमा कर देने से कई बार गलती करने वाला भी अपनी गलतियों पर शर्मिंदा होकर आपसे खुद माफ़ी मांगने लगता है.
  • किसी को क्षमा कर देने से हम गलती करने वाले व्यक्ति के साथ भविष्य में अच्छे सम्बन्ध स्थापित कर सकते हैं.
  • जब कोई आपके साथ बुरा करे तो भी आप उसे क्षमा कर दें. क्योंकि परमात्मा कभी भी किसी को कोई दुःख अकारण नहीं देता. यदि किसी ने आपके साथ कुछ बुरा किया है तो इसका अर्थ है कि हमने पहले कभी उसके साथ कुछ बुरा अवश्य किया होगा. इस प्रकार जब हम दूसरों को माफ कर देंगे तो indirectly हम अपनी गलतियों को माफ करेंगे.
  • हमारे शास्त्रों में ऐसा कहा गया है – “जहाँ दया तहां धर्म है, जहाँ लोभ तहां पाप l जहाँ क्रोध तहां काल है, जहाँ क्षमा तहां आप ll” इसका अर्थ है कि जिस व्यक्ति के दिल में क्षमा का भाव होता है, दया का भाव होता है; उसका मन साफ़ होता है. और जिसका मन साफ़ या पवित्र होता है, परमात्मा का वास भी उसी दिल में होता है. किसी को माफ कर देने से हम परमात्मा की मौजूदगी का अहसास कर पाएंगे.
  • जब आप किसी को माफ नहीं करते और उसे अपना दुश्मन बनाकर दुश्मनी निभाते रहेंगे. इससे आपका उस व्यक्ति से जन्म-जन्म का दुश्मनी का रिश्ता बन जाएगा. आप उस व्यक्ति के कैदी बन जाएँगे और हर जन्म में उसके साथ अपनी दुश्मनी निभाते रहेंगे. जब मन में दुश्मनी का भाव रहेगा तो सुख वहाँ से कोसों दूर चला जाएगा. इस तरह आप एक गलती की सज़ा हर जन्म में भुगतेंगे.
  • जिस तरह परमात्मा आज तक हमारी गलतियों को क्षमा करते आए हैं, हमें भी सबको क्षमा करते हुए अपने जीवन में आगे बढ़ते रहना चाहिए. क्योंकि हमारे सद्ग्रंथों में लिखा है कि हमारे अंदर जो आत्मा है वो परमात्मा का अंश है. दूसरों को क्षमा करना, सबसे प्रेम करना आत्मा का अपना स्वभाव है. दूसरों को क्षमा न करने से आत्मा को दुःख पहुँचता है, जिस कारण हम हमेशा किसी अनजान दुःख से दुखी रहते हैं. क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है…..?

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