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लूज़ मोशन का घरेलू इलाज Loose motion ka gharelu ilaj

लूज़ मोशन का घरेलू इलाज Loose motion ka gharelu ilaj, Loose motion home treatment.

बारिश के मौसम में लूज मोशंस एक बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम है। खाने-पीने में थोड़ी लापरवाही भी इसका कारण बन जाती है। 


दस्त लगने पर शरीर के मिनरल्स और पानी तेजी से बाहर हो जाते हैं, जिससे मरीज को कमजोरी महसूस होने लगती है। जिसे एक बार ये समस्या हो जाती है, उसे एक साल में दो से तीन बार भी इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है। दस्त की समस्या बार-बार न हो, इसके लिए ऐलोपैथिक दवाओं के बजाय घरेलू नुस्खों को अपनाना चाहिए। आज हम आपको बताने जा रहे हैं डायरिया से निपटने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे, जो इस समस्या से बहुत जल्दी राहत दिलवाते हैं। 
डायरिया के कारण: फूड प्वाइजनिंग, इन्फेक्शन, खाने से एलर्जी, बहुत ज्यादा खा लेने पर यानी ओवर इटिंग, ज्यादा कब्ज हो जाने पर, शरीर में पानी की कमी हो जाना आदि इसके कुछ प्रमुख कारण हैं। 
डायरिया के लक्षण: बुखार, अचानक वजन कम होना, स्टूल का रंग डार्क  होना, स्टूल में खून आना ये सब डायरिया के संकेत हो सकते हैं।
घरेलू नुस्खे:
  • शिकंजी: नींबू के रस में एंटी-इन्फ्लामैट्री गुण पाए जाते हैं। इससे पेट आसानी से साफ हो जाता है। यह डायरिया की समस्या से राहत देने वाला बहुत प्राचीन नुस्खा है। एक नींबू के रस में एक चम्मच नमक और थोड़ी चीनी मिलाकर अच्छे से मिक्स करने के बाद पिएं। हर एक घंटे में ये घोल बनाकर पीने से डायरिया में बहुत जल्दी आराम मिलता है। इस नुस्खे को अपनाने के साथ ही हल्का खाना लें। इससे आपको इस समस्या से जल्दी छुटकारा मिल जाएगा। 
  • मेथी दाना: मेथी दाना में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं। एक-चौथाई चम्मच मेथी दाना पाउडर ठंडे पानी से लें। इससे पेट की गर्मी छंट जाएगी और दस्त की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। यह पाउडर खाली पेट दो से तीन दिनों तक लेना चाहिए। बहुत जल्दी आराम मिलता है।  
  • शहद: शहद भी इस समस्या में दवा का काम करता है। जब भी लूज मोशन की समस्या हो, दिन भर में कम से कम दो से तीन चम्मच शुद्ध शहद खाएं। एक चम्मच शहद में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर लेने पर भी दस्त से राहत मिलती है।  
  • अदरक: अदरक में एंटी-फंगल और एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज मौजूद होती हैं। आधा चम्मच अदरक पाउडर को छाछ के साथ लें। इस मिश्रण को दिन में दो-तीन बार लेने से डायरिया से राहत मिलती है।  
  • लौकी: लौकी को पाचनतंत्र के लिए बहुत अच्छी औषधि माना जाता है। एक लौकी लेकर उसे छील कर बारीक काट लें। मिक्सर में उसका रस निकाल लें। इस रस को छानकर दिन में दो-तीन बार पिएं। दस्त की समस्या खत्म हो जाएगी।  
  • अनार: अनार लूज मोशन्स की समस्या में रामबाण दवा की तरह काम करता है। अनार के बीजों को चबाएं। दिन भर में कम से कम दो बार अनाज का जूस पिएं। अनार की पत्तियों को पानी में उबाल लें। इस पानी को छानकर पीने से भी दस्त में आराम मिलता है। 
  • सरसों के बीज: सरसों के बीज में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इसीलिए इसे डायरिया की समस्या में रामबाण माना जाता है। सरसों के एक-चौथाई चम्मच बीजों को एक कप पानी में एक घंटे के लिए भिगो दें। एक घंटे बाद इस पानी को छानकर पी लें। यह नुस्खा एक दिन में दो से तीन बार दोहराएं। डायरिया की समस्या से बहुत जल्दी आराम मिल जाएगा।  
  • कच्चा पपीता: कच्चा पपीता दस्त की समस्या में एक जबरदस्त दवा का काम करता है। कच्चे पपीते को छील कर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उबाल लें। इस पानी को छानकर जब हल्का गर्म रह जाए तब पिएं। दस्त बंद हो जाएंगे। यह पानी दिन भर में दो से तीन बार पीना चाहिए।  
  • उबले चावल: उबले हुए यानी कुकर में बनाए हुए चावल को ताजा दही के साथ खाएं। दिन भर में दो से तीन बार दही-चावल खाने से दस्त की समस्या से मुक्ति मिल जाती है।  
  • छाछ: दस्त की समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए छाछ से बेहतर कोई उपचार नहीं है। एक गिलास छाछ में थोड़ा नमक, एक चुटकी काली मिर्च, जीरा और थोड़ी हल्दी डालकर पीने से दस्त में आराम मिलता है। दिन में दो से तीन बार ऐसी एक गिलास छाछ बनाकर पीना चाहिए।  
  • बेल: बेल की पत्तियों या बेल के फलों का पाउडर दस्त में दवा का काम करता है। 25 ग्राम बेल के पाउडर को शहद में मिलाकर लेने से दस्त से राहत मिलती है। दिन में कम से कम चार बार बेल पाउडर का सेवन करें।