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मीठे शहद के मीठे गुण Mithe shahad ke mithe gun

मीठे शहद के मीठे गुण Mithe shahad ke mithe gun, Sweet qualities of sweet Honey.

शहद कभी खराब नहीं होता,चाहे कितने ही वर्षों तक क्यों ना रखा रहे, यह शरीर में पहुंचकर तुरंत शक्ति प्रदान करता है. मानव जीवन में शहद अमृत के समान होता है.

जब शरीर की शक्ति बिल्कुल कम हो जाती है, आवाज भी नहीं निकलती है तब ऐसे समय में शहद का सेवन करने से शरीर में नये जीवन का संचार होता है. दूध के साथ शहद मिलाकर पिलाने से बच्चे स्वस्थ और रोग से मुक्त होते हैं. यह मनुष्य के शरीर को स्वस्थ, सुन्दर, और बुद्धिमान बनाता है और बूढ़ों में नई ऊर्जा प्रदान करता है.

आयुर्वेद में ऐसी मान्यता है कि अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले छत्तों के शहद के गुण वृक्षों के आधार पर होते हैं. जैसे "नीम" पर लगे शहद का उपयोग आँखों के लिए, "जामुन" का मधुमेह, "सहजने" का हृदय, वात तथा रक्तचाप के लिए बेहतर होता है. इसके अलावा भी शहद का सेवन कई रोगों में उपयोगी है.

शहद में पाये जाने वाले तत्व -

शहद के अन्दर विशेष प्रकार के रासायनिक तत्व पाये जाते हैं जो मनुष्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है. इसमें विटामिन `ए´, `बी´, `सी´, भारी मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अलावा आवश्यक खनिज पदार्थ लोहा, तांबा, कैल्शियम, सोडियम फास्फोरस, आयोडीन भी पाए जाते हैं. शहद कीटाणु नाशक भी होता है.

प्रतिदिन शहद का सेवन करने से शरीर में शक्ति, स्फूर्ति, और ताजगी बनी रहती है और रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है. शहद सांस-तंत्रिका, दमा, जिगर तंत्र की कमजोरी, पाचन तंत्र और त्वचा से जुड़ी कई बीमारियों को दूर करता है. यह खून को साफ करता है, बलगम को बाहर निकालता है और पाचनशक्ति को बढ़ाता है.

शहद का औषधीय उपयोग-
  1. खाँसी और कफ और जुकाम में - अदरक के रस में या अडूसे के काढ़े में शहद मिलाकर देने से या शहद व नींबू का रस समान मात्रा में सेवन करने पर लाभ होता है खाँसी में आराम मिलता है. प्याज का रस और शहद समान मात्रा में मिलाकर चाटने से कफ निकल जाता है तथा आँतों में जमे विजातीय द्रव्यों को दूर कर कीड़े नष्ट करता है. इसे पानी में घोलकर एनीमा लेने से लाभ होता है. शहद, अदरक और तुलसी के पत्तों का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चाटने से जुकाम में राहत मिलती है.
  2. बच्चो के लिए - जिन बच्चों को शकर का सेवन मना है, उन्हें शकर के स्थान पर शहद दिया जा सकता है. बच्चों को मसूडों पर शहद लगाने से दाँत आसानी से आते हैं. बच्चों को एक चम्मच पानी में दो बूंद शहद मिलाकर चटाने से उनका विकास अच्छी तरह से होता है और वे सेहतमंद रहते हैं.
  3. रक्तचाप में - हृदय की धमनी के लिए शहद बड़ा शक्तिवर्द्धक है. सोते वक्त शहद व नींबू का रस मिलाकर एक ग्लास पानी पीने से कमजोर हृदय में शक्ति का संचार होता है. बढ़े हुए रक्तचाप में शहद का सेवन लहसुन के साथ करना लाभप्रद होता है. और कोलेस्ट्राल कम हो जाता है.
  4. हिचकी आने पर - अदरक का रस और शहद समान मात्रा में लेकर चाटने से श्वास कष्ट दूर होता है और हिचकियाँ बंद हो जाती हैं. और दो चम्मच प्याज के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर खाने से उल्टी और हिचकी में आराम मिलता है.
  5. त्वचा के लिए - संतरों के छिलकों का चूर्ण बनाकर दो चम्मच शहद उसमें फेंटकर उबटन तैयार कर त्वचा पर मलें. इससे त्वचा निखर जाती है और कांतिवान बनती है. या तिल्ली का तेल, बेसन, शहद व नींबू मिलाकर उबटन करने से त्वचा निखर जाती है. शुष्क त्वचा पर शहद, दूध की क्रीम व बेसन मिलाकर उबटन करें. इससे त्वचा की शुष्कता दूर होकर लावण्यता प्राप्त होगी.
  6. आँखों के लिए - शुद्ध शहद को हमारे बुजुर्ग लोग सलाई की सहायता से आंखों में भी लगाते थे क्योंकि यह आंखों में चिपकता नहीं है और आंखों से गंदगी निकालकर इनकी रोषनी बढ़ाता है.* कब्जियत में टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद डालकर सेवन करें, लाभ होगा.
  7. बालो के लिए - 5 कलियों को 50 मि.ग्राम जल में पीस लें फिर 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह सेवन करें.
  8. कब्ज होने पर - अगर किसी को कब्ज हो जाए तो वह व्यक्ति सुबह-शाम दो चम्मच शहद पानी में मिलाकर पीए.शहद नित्य सेवन निर्बल आमाशय व आँतों को बल प्रदान करता है. शहद को नींबू के रस में लेने से नींद अच्छी आती है. 
  9. मोटा और पतले होने के लिए - शहद में मोटे और पतले दोनों के गुण होते हैं.सुबह गुनगुने पानी में शहद मिलाकर सेवन करने से मोटापा कम होता है और मोटापा बढ़ाने के लिए इसे दूध में मिलाकर पिएं. एक गिलास दूध में बिना शकर डाले शहद घोलकर रात को पीने से दुबलापन दूर होकर शरीर सुडौल, पुष्ट व बलशाली बनता है.
  10. गर्भवती महिला द्वारा दो चम्मच शहद रोजाना लेने से उसे रक्त की कमी नहीं होती. पूरे परिवार की सेहत के लिए बादाम भिगोकर दूध में पीस लें और उसे सबको एक चम्मच शहद में मिलाकर खिलाएं. तुरंत ताजगी चाहते हो सुबह-सुबह नींबू व शहद गर्म पानी में लेने से स्फूर्ति आती है. गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर गरारे करने से आवाज खुल जाती है.

शहद को उपयोग करने पर कुछ नियम भी है-


अधिक गर्म पानी, गर्म दूध, अधिक धूप में बच्चों को शहद का प्रयोग हानिकारक साबित होता है. साथ ही घी की समान मात्रा प्रयोग करने पर यह विष की भाँति कार्य करने लगता है. इसलिए इन स्थितियों में इसका प्रयोग सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए. शहद को कभी गर्म न करें.

आवश्यकता -
  1. एक बच्चे के लिए 10 से 15 ग्राम प्रतिदिन
  2. एक नवयुवक के लिए 30 से 35 ग्राम प्रतिदिन
  3. स्वस्थ पुरूष 30 से 50 ग्राम प्रतिदिन
  4. बूढ़े लोग 20 से 30 ग्राम प्रतिदिन
शुद्ध शहद की पहचान-
  1. शुद्ध शहद कभी पानी में आसानी से नहीं घुलता है.शहद ग्लास के निचले तल में जाकर बैठ जाता है और वह पानी के साथ नहीं घुलता है तो उसे शुद्ध शहद माना जाता है.
  2. शुद्ध शहद में खुशबू होती है. यह ठंड में जम जाता है और गर्मी में पिघल जाता है.
  3. शुद्ध शहद कपडे़ व कागज पर गिराने से इन पर धब्बा नहीं पड़ता है.
  4. शुद्ध शहद में रूई की बत्ती भिगोंकर जलाने पर जलती रहती है.
  5. इसको देखने पर आर-पार दिखाई देता है

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