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पेट में होने वाले संक्रमण के इलाज Pet me hone vale sankarman ke ilaz, In the stomach infection treatment.

बारिश के मौसम में शरीर में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर पेट में किसी प्रकार का परजीवी संक्रमण पनप जाए तो इससे घातक बीमारियां होने का खतरा बन जाता है।  


परजीवियों से शरीर में कुपोषण और कई अन्य समस्यायें हो जाती हैं इसलिये स्वस्थ रहने के लिये इन्हें शरीर से निकालना आवश्यक होता है। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ अनोखी और खास चीजें जिनकी मदद से आप इस संक्रमण से बच सकते हैं। 
  • नींबू के बीज: नींबू के बीज को चबा-चबाकर पानी के साथ निगल लें।इससे पेट में किसी भी तरह का संक्रमण नही होगा और किसी तरह का परजीवी पेट में है तो वो नष्ट हो जाएगा। अगर आप इन बीजों को चबासके तो आप नींबू के बीज लेकर उन्हे पीसकर लेप बना ले। एक गिलास पानी में इसे डालकर पीलें। 
  • अरण्डी का तेल: एक गिलास गुनगुना दूध लेकर उसमें दो चम्मच अरण्डी का तेल मिलायें। इस दूध को पीने से पेट में पनपे परजीवी मल के साथ बाहर जायेंगे। इसे एक सप्ताह तक निरन्तर लेने पर आंत के परजीवियों से राहत मिलती है। 
  • लौंग: रोजाना एक या दो लौंग खाना स्वास्थ के लिए अच्छा होता है। लौंग पेट और आंतों में होने वाले छोटे से छोटे बैक्टिरिया को जड़ से खतम कर देता है। यहां तक की लौंग खाने से ये शरीर से परजीवियों के साथ-साथ उनके अण्डे भी नष्ट करता है जिससे मानसून में होने वाले संक्रमण से भी बचा जा सकता है। 
  • हल्दी: हल्दी को हमेशा सेही एंटिबायोटिक की तरह से काम में लिया जाता रहा है। खासतौर से हल्दी की मदद से बॉडी में होने वाले किसी भी संक्रमण को आसानी से रोका जा सकता है। भोजन के साथ हल्दी को अपने दैनिक आहार में शामिल करें जिसका परजीवियों पर तेज और ज्यादा प्रभावशाली असर होगा। अगर आपको हल्दी का स्वाद पसंद है तो सीधे पानी के साथ लें ये ज्यादा फायदा करेगा। 
  • लहसुन: लहसुन की खुशबू बहुत ही खराब होती है जिसके कारण परजीव शरीर से बाह निकाले जा सकते हैं। ये प्रतिजैविक होने के साथ-साथ प्रतिकवक भी होते हैं इसलिये शरीर में सूक्ष्मजीवों को खत्म करने में सहायक होते हैं। परजीवियों को हटाने और उनसे बचने के लिये लहसुन की कुछ कलियां रोजाना चबायें।

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