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मसालों का सेवन करता है रोगमुक्त Masalo ka sevan karta hai rogmukt

मसालों का सेवन करता है रोगमुक्त Masalo ka sevan karta hai rogmukt, Plenty of spices does disease free.

दोस्तों वैसे तो बिना मसाले वाला भोजन स्वादिष्ट नहीं लगता। लेकिन फिर भी दुनिया के कुछ हिस्से में लोग इसके बिना ही काम चलाते हैं, पर यह भी सही है कि बीमारी में मिर्च नहीं खानी चाहिए।

पश्चिम में हुए नए अनुसंधानों और देश में शुरूआती अध्ययनों से पता चला है कि इन मिर्च-मसालों में ऐसे तत्व भी होते हैं जो शरीर को चुस्त तो रखते ही हैं, साथ ही रोग पैदा करने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं को भी नष्ट कर सकते हैं। आप अपने उबले, नरम भोजन में इतना मसाला मिलाएं जितना नमक के साथ आसानी से खा सकते हैं।

उष्ण क्षेत्रों में मसालेदार भोजन आम चलन में है क्योंकि वहां संक्रामक कीटाणु बहुत ज्यादा होते है। अपने देश में मसालों पर शोध कार्य अभी शुरूआती अवस्था में है। लेकिन हाल ही में पशुओं पर हुए अध्ययनों से पता चला कि मसाले सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।
मसाले भोजन में स्वाद, गंध, रंग लाने और उसे गाढा-पतला बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन उनमे काफी चिकित्सकीय गुण होते हैं। 
  1. लाल मिर्च: पसीना आने पर त्वचा में वायु संचार करती है तथा रक्त को पतला कर उसका थक्का नहीं बनने देती।
  2. लहसुन: धमनियों को साफ करता है और त्वचा को संक्रमण मुक्त करता है। शरीर से शीशे की सफाई करता है।
  3. हल्दी: कैंसर पैदा करने वाले तत्वों को साफ करती है। वर्षो से रोगाणुरोधी औषधि के रूप में मशहूर।
  4. मेथी दाना: मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा कम करता है। मधुमेहजनित मोतियाबिंद से बचाता है।
  5. इमली: फ्लोराइड को कम करती है। फ्लोरेसिस प्रभावित इलाकों में इसका प्रयोग प्रभावित।
  6. अदरक: रोगाणुओं के कारगार प्रतिरोधी के रूप में विख्यात। कफ और सीने की घुटन को कम करता है।
  7. सौंफ: इसके इस्तोमाल से सूजन कम होती है। पाचनशीलता के गुणों के लिए भी विख्यात।