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बच्‍चों को ट्यूशन के फायदे और नुकसान - Bachchon ko tyushan ke fayde aur nukshan

बच्‍चों को ट्यूशन के फायदे और नुकसान - Bachchon ko tyushan ke fayde aur nukshan, Advantages and disadvantages of tuition to children.

प्रिय दोस्त क्लास में पहली पोजीशन हासिल करना हर विद्यार्थी का सपना होता है इसलिए बहुत से विद्यार्थी ऐसे भी होते है जो अपने इस सपने को पूरा करने के लिए ट्यूशन क्‍लासेज़ ज्‍वाइन कर लेते हैं।
वो अपना पूरा दिन पढ़ाई में ही लगा देते है उन्हें पढ़ाई की इस होड़ में अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान नहीं रहता है. ऐसे बच्चे सुबह स्कूल जाते है और स्कूल से आते ही ट्यूशन क्‍लास में पहुँच जाते है और सिर्फ इतना ही नहीं वे ट्यूशन क्‍लास से घर आने के बाद भी किताबों से चिपके रहते है. मित्र पढ़ना अच्छी बात है लेकिन पढ़ाई के साथ - साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना जरुरी है. सिर्फ बच्‍चा ही नहीं बल्कि बच्चे के माता पिता भी हर वक्‍त इसी बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनका बच्‍चा क्‍लास में कौनसी पोजीशन प्राप्त करेगा। इसलिए माता पिता भी बच्चे को ट्यूशन पर भेजते है लेकिन ट्यूशन पढ़ना बच्‍चे को और भी ज्‍यादा थका देता है। ट्यूशन क्‍लास जाने से बच्‍चों का बचपन मानों लुट जाता है. बच्चों को खेलने कूदने का टाइम ही नहीं मिलता। बच्‍चे टी वी देखने तक को तरस जाते हैं। इससे बच्‍चे डिप्रेशन में आ जाते हैं और अपनी नींद खराब कर लेते हैं। वैसे ट्यूशन हर किसी के लिये खराब नहीं है, आइये आज हम आपको ट्यूशन के लाभ और हानि समझाएंगे।

फायदे
1. व्यक्तिगत ध्यान मिलता है- कुछ बच्‍चों को भीड़ में पढ़ाई समझ में नहीं आती, तो ऐसे में अगर बच्‍चा ट्यूशन पढ़ने लगेगा तो उसे उसमें मास्‍टर से निजी ध्‍यान मिलेगा जिससे उसकी पढ़ाई की समस्‍याएं सुलझाई जा सकती हैं।
2. अच्‍छे नंबर आते हैं- अगर बच्‍चे को अलग से ध्‍यान मिलेगा तो जाहिर सी बात है कि उसके अच्‍छे नंबर भी आएंगे।
3. आत्मविश्वास बढ़ता है- कोचिंग क्‍लास में जाने से बच्‍चों का आत्मसम्मान बढ़ जाता है। पढ़ाई के साथ पूरे समय जुडे़ रहने से उन्‍हें महसूस होता है कि वे स्‍कूल की हर चुनौतियों का डट कर मुकाबला कर सकते हैं।

नुकसान 

1. बचपन लुट जाता है- ट्यूशन क्‍लास में जाने से बच्‍चा खेल कूद से दूर हो जाता है। उसका सारा दिन स्‍कूल और ट्यूशन क्‍लास के चक्‍कर काटते बीत जाता है। ऐसा लगातार होने से बच्‍चे का बचपन लुट जाता है।
2. तनाव मिलता है- स्‍कूल खतम होने के बाद बच्‍चे ट्यूशन क्‍लास में बिताते हैं और उसके बाद उन्‍हें, होमवर्क, प्रोजेक्‍ट, तरह तरह के असाइन्‍मेंट करने पड़ते हैं। जिस वजह से उनकी नींद खराब होती है और वे चिड़चिडे़ तथा तनाव के शिकार बन जाते हैं।
3. टाइम की खराबी होती है- अगर आपके बच्‍चे पढ़ने में होशियार हैं और स्‍कूल का पढाया याद रखते हैं तो, उन्‍हें ट्यूशन मत लगवाइये। इससे उनका अपना निजी समय बरबाद होगा और इसके लिये आप ही जिम्‍मेदार होगें।

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