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23/04/2015

हानिकारक है गर्मियों में गन्ने का रस - Hanikarak hai garmiyon me ganne ka ras

हानिकारक है गर्मियों में गन्ने का रस - Hanikarak hai garmiyon me ganne ka ras, Cane juice is harmful in summer.

बढ़ती गर्मी में शीतल पेय पदार्थ शरीर को ठंडक देते है लेकिन यह क्षण भर की ठंडक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है। अनजाने में हम इन पेय पदार्थों के साथ बीमारियां मुफ्त खरीदते है।

गर्मी के आते ही शहर के हर चौराहे पर खड़े शीतल पेय पदार्थ बेचने वाले फलों के रस के बराबर मात्रा में बर्फ  डालकर देते हैं। इसका हमारे शरीर पर बुरा असर पड़ता है। कई बार यह असर बीमारी में तबदील हो जाता है। क्योंकि गन्ने का रस, चुस्की और ठेले की आइसक्रीम कुछ देर के लिए गर्मी से राहत तो देती है लेकिन सेहत पर इसके इसके गंभीर असर के बारे में लोगों का ध्यान नहीं जाता। बाजार में बिक रही ज्यादातर बर्फ दूषित होती है। इसके सेवन से पेट संबंधी बीमारियां और पीलिया भी हो सकता है। बर्फ के व्यापारियों को सब कुछ पता है लेकिन अपने फायदे के लिए वे लोगों को बीमारी परोस रहे हैं। गर्मी का मौसम शुरू होते ही जगह-जगह गन्ने का रस, लस्सी और जूस की बिक्री शुरू हो गई है। साथ ही ठेलों पर चुस्की और आइसक्रीम भी मिलने लगी है।

शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए इन चीजों का उपयोग भी जमकर होने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों ने विशेष अभियान चला कर इन पर शिकंजा नहीं कसा तो पेट संबंधी बीमारियां का ग्राफ बढ़ते देर नहीं लगेगी।

कोल्हू पर मंडराती मक्खियां, संक्रमण का खतरा:-

शहर के विभिन्न चौराहों पर गन्ने का रस निकालने वाले कोल्हू मौजूद हैं। गर्मी में गले की प्यास बुझाने के लिए लोग इनका जमकर सेवन कर रहे हैं। अधिकाश कोल्हू वाले किसी न किसी नाले के किनारे पर कोल्हू लगाकर बैठे हैं। मक्खियां कभी गंदगी पर बैठती है तो कभी गन्नों पर बैठती हैं। गन्ने से रस निकलने के बाद बचने वाले अवशेष पर भारी संख्या में मक्खियां मंडराती रहती हैं। मक्खियां संक्रमण को फैलाने में अहम भूमिका अदा करती है। वैसे तो गन्ने का रस गर्मी में अमृत रस की तरह का काम करता है लेकिन दूषित गन्ने का रस पेट में बीमारियों को जन्म देता है।

बिना मच्छरदानी प्रयोग कर गन्ने का रस बेच रहे है:-

शहर के हर चौक पर एक या 2 गन्ने के  रस के कोल्हू मौजूद हैं। इनमें से अधिकतर कोल्हू पर मच्छरदानी नहीं लगाई जाती है।


पीलियां, हैजा, उल्टी, दस्त व टायफाइड का बन सकते है शिकार:-

चिकित्सकों के मुताबिक आमतौर पर गन्ने का रस निकालने वाले कोल्हू के आस-पास गंदे पानी का नाला या नाली अवश्य ही मिलती है। मक्ख्यिां गंदे नाले से कीटाणूओं अदि को लेकर गन्नों पर बैठ जाती है। इससे गन्ना दूषित हो जाता है। इस दूषित गन्ने का रस पीने से पेट की बीमारियां घर करना शुरू कर देती है। कई बार इस तरह के गन्ने का रस पीने से कई बार दीर्घकालीन परिणाम सामने आते है। उन्होंने बताया कि इस तरह का गन्ने का रस पीने से पीलियां, हैजा, उल्टी, दस्त व टायफाइड जैसी बीमारियों होने की संभावना बढ़ जाती है।

स्वयं रखे स्वास्थ्य का ध्यान:-

गन्ने का रस पीने से पहले, जरा सावधान हो जाए और ध्यान दे। जिस कोल्हू से आप गन्ने का रस पी रहे उसके आस-पास मक्ख्यिों से गन्नों की रक्षा करने के लिए बड़ी मच्छरदानी लगाई गई है या नहीं। अगर मछरदानीं नहीं लगाई गई है तो उस कोल्हू के गन्ने का रस बिल्कुल न पीए। उसके रस के पीने से आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है।

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