मछलियों की अजब दुनिया - Machhaliyon ki ajab duniya

मछलियों की अजब दुनिया - Machhaliyon ki ajab duniya, - Strange world of fish.

मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है.. यह पोयम तो तुमने बहुत पहले ही याद कर ली होगी, लेकिन क्या तुम्हें पता है कि बहुत सिंपल और खूबसूरत सी दिखने वाली ये मछलियां काफी शैतान भी होती हैं। ये न सिर्फ अपना रंग बदल लेती हैं बल्कि सूंघती भी हैं।

ऐसे ही कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स हैं:-
  • एंजलफिश:- यह एक ऐसी मछली है, जो आमतौर पर एक्वेरियम्स में देखी जा सकती है। इस मछली की खासियत यह होती है कि फीमेल से मेल और मेल से फीमेल बन जाती है। एंजलफिश ग्रुप में रहती हैं और हर ग्रुप में एक मेल फिश होती है, जिसका ब्लू कलर होता है और बाकी चार फीमेल फिश होती हैं, जिनका कलर येलो होता है। यह जो नीली मेल फिश होती है, यह ग्रुप में सबसे ज्यादा ताकतवर और बड़ी होती है। यह सबकी सुरक्षा करती है। यह सिक्योरिटी गार्ड की तरह होती है। जब यह फिश मर जाती है, तो ग्रुप को फिर एक मेल फिश की जरूरत होती है। तब ग्रुप में जो सबसे बड़ी फीमेल फिश होती है, वह खुद को बदलना आरंभ करती है। वह साइज में बड़ी होती जाती है। एक सप्ताह के बाद, वह रंग बदलना भी शुरू कर देती है और येलो से ब्लू हो जाती है। इसके बाद उसका रवैया भी बदलने लगता है। वह किसी मेल फिश की तरह व्यवहार करने लगती है। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि दो हफ्ते के बाद उसके शरीर पर काले रंग की स्ट्राइप्स भी आने लगती हैं।
  • मेल फिश, जो मुंह में रखती हैं अंडे:- एक ऐसी मछली भी होती है, जो अपने मुंह को सिर्फ खाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं करती है। यह अंडों को अपने पेट की बजाय मुंह में रखती है। और ऐसा करने वाली यह मेल फिश होती है, फीमेल नहीं। यह एक तरह की कैटफिश होती है और अटलांटिक ओशन में पाई जाती है। जब एक बार अंडे पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं तो यह मेल फिश उन्हें अपने मुंह से बाहर निकाल देती है। जब तक यह अंडे उसके मुंह में होते हैं, वह किसी चीज को खा नहीं पाती, इसलिए वह कुछ खाती नहीं है। आमतौर पर एक समय में फिश अपने मुंह में 50 अंडे तक रखती है। इन अंडों को विकसित होने में एक महीने तक का समय लगता है, इसलिए इस समय में वह अपने शरीर की ऊर्जा को ही जीवित रहने के लिए इस्तेमाल करती है।
  • सूंघकर पहचान लेती है सेलमन:- कुछ समय पहले ग्लासगो यूनिवर्सिटी के विज्ञानियों ने यह दावा किया है कि सेलमन फिश के अंदर गजब की सूंघने की शक्ति होती है। वह सूंघकर यह जान सकती है कि सामने वाला उसके परिवार का हिस्सा है या कोई दूसरा। इसके बाद ही वह किसी तरह का व्यवहार करती है। इसके लिए विज्ञानी, दो परिवारों की 44 सेलमन फिश लाए और उन्हें कई वॉटर टैंक्स में डाल दिया। दोनों ही टैंकों में दोनों परिवारों की मछलियां थीं। उस समय यह पाया कि मछलियां इतनी तेजी से एक-दूसरे को सूंघ रही थीं कि टैंक में अधिक से अधिक पानी का सकरुलेशन हो रहा था।
  • कौन सिखाता है रक्षा करना:- जब भी हम स्विमिंग के लिए नदी में जाते हैं तो हमें हमेशा कहा जाता है कि रॉक्स से बचकर रहना। लेकिन मछलियां तो हमेशा ही पानी में रहती हैं। क्या तुमने कभी सोचा है कि विशालकाय पहाड़ों, पत्थरों और कंटीली झाड़ियों से कौन उनकी रक्षा करता है। खासकर बेबी फिशिज की। दरअसल मछलियों के शरीर की त्वचा ऐसी होती है, जो उन्हें इस तरह के सख्त पर्यावरण से बचाव के लिए उपयुक्त होती है। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि मछली किस क्षेत्र में रह रही है। यही वजह है कि जो मछलियां तट के आसपास रहती हैं, उनकी त्वचा अधिक सख्त होती है। और जो गहरे पानी में रहती हैं, उनकी त्वचा थोड़ी मुलायम होती है।
  • ये हैं खतरनाक मछलियां:- कुछ मछलियां तो इंसानों तक को निगल जाती हैं। इनमें हिमालय की तलहटी में पाई जाने वाली किलर कैटफिश प्रमुख है। दुनिया की सबसे खतरनाक मछली मानी जाती है डीमन फिश। यह बड़े से बड़े जीवों को भी निगल जाती है। यह अफ्रीका की कांगो रिवर में पाई जाती है। थाइलैंड की मीकांग नदी में एक मछली मिली है। इसका नाम डेथ रे दिया गया है। यह 7 सौ पाउंड की है। किलर स्नेकहेड नाम की मछली हवा में आकर सांस लेती है। जमीन पर रेंगती भी है और अपनी ही प्रजाति के जीवों तक को खा जाती है। यह चीन और दक्षिण कोरिया में पाई जाती है। 
  • नीले खून और तीन दिल वाली फिश:- इसे सभी मछलियों की रानी कहें तो भी ठीक रहेगा, क्योंकि इसका खून नीला होता है और इसके पास एक-दो नहीं, बल्कि तीन दिल होते हैं। इसे कटलफिश कहा जाता है। इसका खून इसलिए नीला होता है, क्योंकि इसमें काफी अधिक कॉपर होता है। हालांकि यह अपने लंग में ब्लड पंप करने के लिए दो दिलों का ही इस्तेमाल करती है और तीसरा दिल शरीर के दूसरे भागों को ब्लड पंप करता है। इस फिश की एक और खासियत होती है। यह जहां भी रहती है, उसी के अकॉर्डिग अपना कलर चेंज कर लेती है।

एक टिप्पणी भेजें

© Copyright 2013-2017 - Hindi Blog - ALL RIGHTS RESERVED - POWERED BYBLOGGER.COM