जब हुआ मोहब्बत का अहसास तो - Jab huaa mohobbat ka ahsas to

When was the feeling of love. जब हुआ मोहब्बत का अहसास तो - Jab huaa mohobbat ka ahsas to.

काफी समय पहले की बात है एक लड़के को एक लड़की से प्यार हो गया. वो लड़का हर रोज उस लड़की से मिलने जाता था लेकिन वह लड़की उस लड़के से प्यार नहीं करती थी.
 


उस लड़की ने हर बार उस लड़के से यहीं कहा की वह इस प्यार के चक्कर में नहीं पड़ना चाहती है. लेकिन लड़का बहुत जिद्दी था वह नहीं माना और हर रोज उसकी लड़की को किसी न किसी बहाने से मिल ही लेता था. एक दिन उस लड़के ने उस लड़की का हाथ पकड़ लिया और अपने प्यार का इजहार किया लेकिन इस बार फिर लड़की ने उसके प्यार को ठुकरा दिया और वह उस लड़के से बोली - मैं तुझसे प्यार तो क्या तेरी शक्ल भी नहीं देखना चाहती.


लड़के ने लड़की से कहा - तुम अगले दस दिन के अन्दर खुद मुझसे मोहब्बत का इकरार करोगी. यह मेरा वादा है.

लड़का दिन - रात बारिश में धुप में उस के घर के सामने खड़ा रहा. लड़की रोज उसे छत से देखती थी.

जब 9 दिन बीत गए तो लड़की को सच में लड़के की मोहब्बत का अहसास हो गया और उसने सोचा की कल सुबह यानि दसवें दिन मैं उस लड़के से प्यार का इकरार करूंगी.

जब वो सुबह घर से बाहर उस लड़के को मिलने गई तो वह लड़का उसे वहां नही मिला और वहां एक कागज़ मिला जिस पर लिखा था - तेरे चक्कर में तेरी सुन्दर और सुशील बहन पट गई है इसलिए अब मुझे तुम्हारे इजहार की कोई जरूरत नहीं रही साली जी हो सके तो मुझे माफ़ कर देना...

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