मेरे दोस्त के सच्चे प्रेम की कहानी - Mere dost ke sachche prem ki kahani

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A story of my friend's true love. मेरे दोस्त के सच्चे प्रेम की कहानी - Mere dost ke sachche prem ki kahani.

मेरे दोस्त का नाम साहिल है. साहिल एक स्वभाव का अच्छा और सुंदर लड़का है. यह कहानी उस समय की है जब साहिल एक लड़की से प्यार करता था. उस लड़की का नाम मोना था.


साहिल और मोना दोनों कॉलेज में पढ़ते थे और वहीँ पर उनकी पहली मुलाकात हुई थी. उनकी बहूत अच्छी दोस्ती हो चुकी थी. वह प्रतिदिन मिलते रहे और उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई. वे अपने सुख - दुख एक साथ मनाते थे. फिर एक दिन साहिल का जन्म दिन आया. मोना ने खूब तैयारी की थी. उस दिन सवेरे मोना ने साहिल को फ़ोन किया और उन्हें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएँ दी. मोना ने साहिल को कहा कि वह तुरंत उनके घर आ पहुँचेगी. इसलिए साहिल तैयार हो कर बैठ गया. 

बहुत समय बीत जाने के बाद भी जब मोना साहिल के घर नहीं पहुंची और न ही उसकी कोई खबर आई और मोना ने साहिल को फ़ोन भी नहीं किया तो साहिल काफी चिंतित हो गया था. तभी किसी ने दरवाजा खट-खटाया. जब मानव ने दरवाज़ा खोला तो उनका मुह खुला का खुला रह गया. मोना की सहेली उनके सामने खड़ी थी. 

मोना की सहेली अचानक रोंने लगी. साहिल ने चिंतापूर्वक उनसे पूछा की बात क्या है और उन्हें पीने के लिए पानी भी दिया. कुछ देर बाद मोना की सहेली ने कहा कि मोना की गाड़ी एक दुसरी गाड़ी से टकरा गई है. यह खबर सुनते ही साहिल आश्चर्यचकित हो गया. उन्होंने मोना की सहेली से पूछा की मोना कौन से अस्पताल में है और वह कैसी है. वह उनसे उसी वक्त मिलना चाहते थे. अत्यधिक दुखी होकर मोना की सहेली रोते हुए कहती है, कि मोना बच न सकी, उनका देहांत हो गया. साहिल की आँखों में आंसू भर उठे और वह अपने आप को काबू में न रख पाए. 

मोना की सहेली उन्हें यह दुखदायक खबर देकर और उनसे माफ़ी माँगकर चली गई. उस समय साहिल घर में अकेला था और फूट फूट कर रो रहा था. उन्हें इस स्थिति में संभालने वाला कोई नहीं था. अचानक उनके मन में यह ख़याल आया कि कुछ ही देर पहले ही तो उन्होंने मोना से बात की थी. परन्तु अब वहां कोई नहीं था. वह अत्यंत आश्चर्यचकित हो चुके थे. तब उन्हें मोना की बात याद आई की उन्होंने उनसे वादा किया था कि वह उनसे मिलकर ही रहेगी. उन्हें अपने बीते हुए सारे दिन याद आने लगे. 

वह मोना के बिना अपनी ज़िन्दगी नहीं बिता सकते थे. यह घटना होने पर मेरी आँखे भी भर उठी थी. परन्तु साहिल बिलकुल दुखी न थे. वे कहते थे कि उनकी मोना की मृत्यु नहीं हुई. मोना हमेशा उनके दिल में बस्ती रहेगी. यह सुनकर मैं अत्यंत तृप्त हो गया. उस दिन से मुझे सच्चे प्यार का अर्थ पता चला. यह वह प्यार है जो हमेशा अमर रहेगा. यह दो दिलो का रिश्ता है, जो मृत्यु के बाद भी बना रहता है.

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