अ मेरे खुदा ये तेरी कैसी खुदाई है - A mere khuda ye teri kaisi khudai hai

A My God how it your's rule. अ मेरे खुदा ये तेरी कैसी खुदाई है - A mere khuda ye teri kaisi khudai hai.

एक बार की बात है. एक लड़की थी. उसका नाम था सबाना. वह हर रोज बुर्का पहन कर कॉलेज में जाती थी.
रवि नाम का एक लड़का उस लड़की को हर रोज सड़क से जाते देखा करता था.
 

रवि सबाना से बेहद प्यार करने लगा था. रवि जब भी सबाना को देखता था उसकी जुबान से रोजाना एक ही बात निकलती थी - अ पर्दा नाशी जरा ये पर्दा हटा और मुझे अपने हुस्न का जलवा दिखा .
लेकिन सबाना उसकी बात को सुनती और चुपचाप चली जाती थी. एक दिन रवि ने रास्ते में सबाना का हाथ पकड़कर कहा- ओ मेरी जान ,मेरी जानेमन, जानेजिगर, जाने तमन्ना अगर तुमने कल मेरी मोहब्बत को कबूल नहीं किया तो मैं तुम्हारे लिए अपनी जान दे दूंगा.

सबाना यह सुनकर थोडा मुस्कुराई और बिना कुछ बोले ही चली गई. सबाना किसी कारण से अगले दिन कॉलेज नहीं गई. लेकिन उसके पागल प्रेमी ने अपने प्यार को असफल मानकर अपनी जान दे दी. जब बाद में सबाना को पता चला की रवि ने सच में खुदखुशी कर ली है तो वह रोती हुई रवि की कब्र पर गयी और अपना नकाब खोल कर बोली - अ मेरे गुमनाम आशिक देख तेरी माशूका. महबूबा और तेरी दिलरुबा आई है जी भर के उसका दीदार कर ले.
तभी कब्र में से आवाज़ आई - अ मेरे खुदा ये तेरी कैसी खुदाई है,आज हम परदे में हैं और वो बेनकाब आई है.

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