रोमियो और जूलियट की प्रेम कहानी - Romiyo aur Juliyat ki prem kahani

Love story of Romeo and Juliet. रोमियो और जूलियट की प्रेम कहानी - Romiyo aur Juliyat ki prem kahani.


जुलाई का महीना था। बसंत ऋतु अपनी जवानी पर थी। बेरोना नगर के एक कुलीन परिवार से मान्टेग्यू के घर पर मासक्यूडवार (मुखौटा नृत्य) का आयोजन हुआ था. यह रोमियो का अपना घर था.

 
नृत्य के अवसर पर केपुलेट परिवार की जूलियट भी रोमियो के घर आयी हुई थी. इसी नृत्य के दौरान दोनों की आंखें चार हो गयीं और हृदय की गहराई में उतर गयी.रोमियो अपने को रोक न सका. वह जूलियट के घर जाकर उसके निजी कक्ष में पहुंचकर अपने आंतरिक प्रेम का उससे इजहार किया. जूलियट भी रोमियो पर फिदा थी. वह उसे पाने के लिए तड़प रही थी, किन्तु दोनों परिवारों के बीच वर्षों से चली आ रही शत्रुता से रोमियो और जूलियट की शादी संभव नहीं थी, ऐसी परिस्थिति में प्रेमी युगल ने अपने–अपने परिवारों को बिन बताये चुपके से एक गिरजाघर में जाकर वहां के एक अधिकारी के समक्ष गुप्त रूप से शादी कर ली, लेकिन दुर्भाग्य से दोनों परिवारों के बीच जंग छिड़ गई.

लड़ाई में रोमियो के एक करीबी दोस्त की मौत हो गई. बदले में रोमियो ने भी जूलियट के चचेरे भाई की हत्या कर दी. रोमियो को देश से बाहर जाने की सजा मिली. इसी बीच जूलियट के पिता ने उसका विवाह पेरिस के काउन्ट के साथ निश्चित कर दिया, रोमियो नगर से निष्कासित जीवन जी रहा था। वह जगह–जगह, जंगल–जंगल भटक रहा था और जूलियट–जूलियट रट रहा था. रोमियो की गैर हाजिरी में जूलियट उदास थी, चिंतित थी. शादी से बचने के लिए वह नींद वाली दवाई पीकर सो गई, ताकि सबको लगे कि वह मर चुकी है.

रोमियो को इस नाटक के बारे में कुछ पता नहीं था. जूलियट के मरने की खबर सुनकर वह वहां पहुंचा. उदास मन से उसने जूलियट को अपना आखिरी चुंबन दिया और जहर पी कर अपनी जान दे दी. जब जूलियट का नशा उतरा तो सामने अपने प्रेमी की लाश देखकर वह सन्न रह गई. उसने रोमियो के छुरे से ही खुद को मार डाला और दोनों ने एक साथ दुनिया को अलविदा कह दिया. दोनों परिवार उस समय एक हुए जब प्रेमी युगल का जोड़ा दुनिया से उठ चुका था. रोमियो–जूलियट अपने सच्‍चे प्‍यार के कारण अमर हो गये और उनके साथ उनकी जन्मस्थली बेरोना भी अमर हो गई।

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