भगवान गौतम बुद्ध के अनमोल विचार - Bhagwan gautam budha ke anmol vichar

प्रिय दोस्त इस पोस्ट पर आप भगवान गौतम बुद्ध के अनमोल विचार पढ़ सकते हो और यदि आप इनसे सहमत हो तो आप इन विचारों को अपने जीवन में धारण जरुर करें. इन विचारों को अपने दोस्तों और अन्य लोगों तक पहुँचाने के लिए इस पोस्ट को शेयर करें.

  • अतीत पे धयान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पे केन्द्रित करो.
  • अपने मोक्ष के लिए खुद ही प्रयत्न करें. दूसरों पर निर्भर ना रहे.
  • आपके पास जो कुछ भी है  है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से इर्श्या कीजिये. जो दूसरों से इर्श्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती.
  • एक जग बूँद बूँद कर के भरता है.
  • किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से  ज्यादा डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुक्सान पहुंचा सकता है.
  • किसी विवाद में हम जैसे ही क्रोधित होते हैं हम सच का मार्ग छोड़ देते हैं, और अपने लिए प्रयास करने लगते हैं.
  • क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं.
  • घृणा घृणा से नहीं प्रेम से ख़तम होती है, यह शाश्वत सत्य है.
  • चाहे आप जितने पवित्र शब्द पढ़ लें या बोल लें, वो आपका क्या भला करेंगे जब तक आप उन्हें उपयोग में नहीं लाते?
  • जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती , मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता.
  • तीन चीजें जादा देर तक नहीं छुप सकती, सूरज, चंद्रमा और सत्य.
  • तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे.
  • बिना सेहत के जीवन जीवन नहीं है; बस पीड़ा की एक स्थिति है- मौत की छवि है.
  • मैं कभी नहीं देखता की क्या किया जा चुका है; मैं हमेशा देखता हूँ कि क्या किया जाना बाकी है.
  • वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है उसके पचास संकट हैं, वो  जो किसी से प्रेम नहीं करता उसके एक भी संकट नहीं है.
  • शक की आदत से भयावह कुछ भी नहीं है. शक लोगों को अलग करता है. यह एक ऐसा ज़हर है जो मित्रता ख़तम करता है और अच्छे रिश्तों को तोड़ता है.यह एक काँटा है जो चोटिल करता है, एक तलवार है जो वध करती है.
  • सत्य के मार्ग पे चलते हुए कोई दो ही गलतियाँ कर सकता है; पूरा रास्ता ना तय करना, और इसकी शुरआत ही ना करना.
  • सभी बुरे कार्य  मन के कारण उत्पन्न होते हैं. अगर मन परिवर्तित हो जाये तो क्या अनैतिक कार्य रह सकते हैं?
  • स्वस्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है.
  • हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाये.
  • हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम  करता है , तो उसे कष्ट ही मिलता है. यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती .
  • हम जो सोचते हैं , वो बन जाते हैं.

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