पढिये साईं बाबा के अनमोल वचन - Padhiyen Sai Baba ke anmol vachan

प्रिय दोस्त इस पोस्ट पर आप साईं बाबा के अनमोल विचार पढ़ सकते हो जिन्हें अपने जीवन में धारण करने से अवश्य ही आपको सुख, शांति और सफलता मिलेगी. इन विचारों को आप जरुर पढ़ें और इन्हें अपने रिश्तेदारों और दोस्तों में शेयर करना ना भूलें.


  • अगर मेरा भक्त गिरने वाला होता है तो मैं अपने हाथ बढ़ा कर उसे सहारा देता हूँ.
  • अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें. यही साधना है.
  • आप जो कुछ भी देखते हैं उसका संग्रह हूँ मैं.
  • तुम जो भी करते हो, तुम चाहे जहाँ भी हो, हमेशा इस बात को याद रखो: मुझे हमेशा इस बात का ज्ञान रहता है कि तुम क्या कर रहे हो.
  • पूर्ण रूप से ईश्वर में समर्पित हो जाइये.
  • मेरा काम आशीर्वाद देना है.
  • मेरी दृष्टि हमेशा उनपर रहती है जो मुझे प्रेम करते हैं.
  • मेरी शरण में रहिये और शांत रहिये. मैं बाकी सब कर दूंगा.
  • मेरे रहते डर कैसा?
  • मैं अपने भक्त का दास हूँ.
  • मैं अपने भक्तों का अनिष्ट नहीं होने दूंगा.
  • मैं अपने लोगों के बारे में दिन रात सोचता हूँ. मैं बार-बार उनके नाम लेता हूँ.
  • मैं किसी पर क्रोधित नहीं होता. क्या माँ अपने बच्चों से नाराज हो सकती है ? क्या समुद्र अपना जल वापस नदियों में भेज सकता है ?
  • मैं डगमगाता या हिलता नहीं हूँ.
  • मैं तुम्हे अंत तक ले जाऊंगा.
  • मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ.
  • मैं हर एक वस्तु में हूँ और उससे परे भी. मैं सभी रिक्त स्थान को भरता हूँ.
  • यदि कोई अपना पूरा समय मुझमें लगाता है और मेरी शरण में आता है तो उसे अपने शरीर या आत्मा के लिए कोई भय नहीं होना चाहिए.
  • यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा.
  • यदि तुम मुझे अपने विचारों और उद्देश्य की एकमात्र वस्तु रक्खोगे , तो तुम सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त करोगे.
  • हमारा कर्तव्य क्या है? ठीक से व्यवहार करना. ये काफी है.

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