जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में - Jeevan ka sab bhar tumhare haatho me

प्रिय दोस्त इस पोस्ट पर आप "जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में" नामक प्रार्थना पढ़ सकते हो. इन्सान सिर्फ लोभ, लालच, धन और मोह में फसकर भगवान से दूर होता जा रहा है. लेकिन जिस मालिक ने हमें बनाया है उसका सिमरन करना भी बहुत जरुरी है.

अपने दिन भर के काम की शुरुआत करने से पहले हमें भगवान की प्रार्थना करनी चाहिए:-

अब  सौप  दिया  इस  जीवन  का  सब  भार  तुम्हारे   हाथो  में.
है  जीत  तुम्हारे  हाथो  में और  हार  तुम्हारे  हाथो  में.....

मेरा  निश्चय  बस  एक  यही एक  बार  तुम्हे  मै पा जाऊं 
अर्पण  कर  दू  दुनिया  सब  प्यार  तुम्हारे  हाथो  में.
अब  सौप  दिया  इस  जीवन  का..........
 
जो  जग  में  रहूँ  तो  ऐसे  रहु  जो  जल  में  कमल  का  फूल  रहे.
मेरे  गन  दोष  समर्पित  हो  भगवान  तुम्हारे  हाथो  में.
अब  सौप  दिया  इस  जीवन  का..........

यदि  मानुस  का  मुझे  जन्म  मिले  तब  चरणो  का  मै  पुजारी बनु.
इस  पुजारी  की  इक इक  नस  का है हर तार  तुम्हारे  हाथो  में.
अब  सौप  दिया  इस  जीवन  का..........

जब  जब  संसार  का  कैदी  बनु  निष्काम  भाव  से  कर्म  करू.
फिर  अंत  समय  में  प्राण  तजु  निराकार  तुम्हारे  हाथो  में.
अब  सौप  दिया  इस  जीवन  का..........

मुझमे  तुझमे  बस  भेद  यही  मै  नर  हूँ  आप  नारायण  हो.
मै  हूँ  संसार  के  हाथो  में  संसार  तुम्हारे  हाथो  में.
अब  सौप  दिया  इस  जीवन  का..........
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