महिला कंडोम क्या होता है इसके क्या लाभ है Mahila kondom kya hota hai iske kya laabh hai

महिला कंडोम 17 सेमी. (6.5 इंच) लम्बी पोलीउस्थ्रेन की थैली होती है। इसे गर्भ निरोध के लिए सम्भोग के समय महिला पार्टनर द्वारा पहना जाता है। यह सारी योनि को ढक देती है जिससे गर्भ धारण नहीं होता और एच आई वी सहित यौन सम्पर्क से होने वाले रोग नहीं होते। आइये इसके बारे में ज्यादा जानकारी लेते है.


इस कंडोम के दोनों किनारों पर लचीला रिंग होता है। थैली के बन्द किनारे की ओर से लचीले रिंग को योनि के अन्दर डाला जाता है ताकि कंडोम अपनी जगह पर लग जाए। थैली की दूसरी ओर खुले किनारे का रिंग बल्वा के बाहर योनि द्वार पर रहता है। लिंग को अन्दर डालते समय वह रिंग एक मार्गदर्शक का काम करता है और थैली को योनि में ऊपर नीचे उछलने से रोकता है। कंडोम में पहले से ही सिलिकोन आधारित चिकनाई लगी रहती है। Read More Posts

महिला कंडोम के उपयोग के लाभ इस प्रकार हैं -
  1. कंडोम प्रयोग को अपने साथी के साथ के बांटने का अवसर महिला को मिलता है।
  2. यदि पुरूष कंडोम प्रयोग के लिए राजी न हो तो महिला अपने लिए कर सकती है।
  3. पौलियूरथेन से बने महिला कंडोम से पुरूष के लेटैक्स से बने कंडोम की अपेक्षा एलर्जी की सम्भावनाएं कम रहती हैं।
  4. यदि सही इस्तेमाल किया जाए तो यह गर्भ धारण एवं एसटीडी से बचाता है।
  5. सम्भोग के आठ घन्टे पहल से लगाया जा सकता है इसलिए इससे रतिक्रिया में बाधा नहीं पड़ती।
  6. पौलियूथरेन पतला होता है और ऊष्मता को सह जाता है अतः यौन अनुभूत बनी रहती है।
  7. इसे तेल आधारित चिकनाई से काम में लाया जा सकता है।
  8. इसको रखने के लिए किसी विशेष सावधानी की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि पोलियूथेन पर तापमान और आर्द्रता के बदलाव का असर नहीं पड़ता। 
  9. यह कंडोम निर्मित के पांच साल बाद तक काम में लायें जा सकते हैं।
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