अहसान लूँ किसी का, ये मुझको नहीं गंवारा Ahsan lu kisi ka ye mujhko nahi gavara

यदि आप "अहसान लूँ किसी का, ये मुझको नहीं गंवारा" नामक भजन की खोज कर रहें हो तो आप बिलकुल सही जगह पर आए हो. आप इस पोस्ट से अपनी पसंद का यह भजन पढ़ सकते हो और इसे अपने दोस्तों में बिलकुल मुफ्त में शेयर भी कर सकते हो. आइये इस भजन को पढियें, इन्तेजार किस बात का है.

अहसान लूँ किसी का, ये मुझको नहीं गंवारा
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा

माना की धीरे धीरे, मेरी नाव चल रही है
लेकिन सही दिशा में, मंजिल पे बढ़ रही हैं
भले देर से मिले पर, मिल जायेगा किनारा
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा.......

काबिल नहीं हूँ जिसका, वो इनाम ले लिया हूँ
पूछे बिना ही तुमसे, तेरा नाम ले लिया हूँ
इसके सिवा लिया न, कुछ और तो तुम्हारा
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा...........

तेरा नाम लेके जागुं, तेरा नाम लेके सोऊं ,
तेरे नाम के सहारे, जीवन अपना बिताऊं,
अपना तो चल रहा है, आराम से गुजारा
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा..........

तेरे नाम का करिश्मा, मैंने तो जब से जाना
सब छोड़ कर हुआ मैं, तेरे नाम का दीवाना
मुझको तो सारे जहां से, तेरा नाम लगता प्यारा
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा..........

अहसान लूँ किसी का, ये मुझको नहीं गंवारा
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा........

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