For Smartphone and Android
Click here to download

Breaking News

राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी Radha aisi bhayi shyam ki deewani

यदि आप "राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी" नामक भजन की खोज कर रहें हो तो आप बिलकुल सही जगह पर आए हो. आप इस पोस्ट से अपनी पसंद का यह भजन पढ़ सकते हो और इसे अपने दोस्तों में बिलकुल मुफ्त में शेयर भी कर सकते हो. आइये इस भजन को पढियें, इन्तेजार किस बात का है.


राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी,

की बृज की कहानी हो गयी …
एक भोली भाली गौण की ग्वालीन ,
तो पंडितों की वानी हो गई

राधा न होती तो वृन्दावन भी न होता
कान्हा तो होते बंसी भी होती,
बंसी मैं प्राण न होते
प्रेम की भाषा जानता न कोई
कनैया को योगी मानता न कोई
बीन परिणय के देख प्रेम की पुजारीन
कान्हा की पटरानी हो गयी
राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी …

राधा की पायल न बजती तो मोहन ऐसा न रास रचाते
नीन्दीयाँ चुराकर , मधुवन बुलाकर
अंगुली पे कीसको नचाते
क्या ऐसी कुश्बू चन्दन मैं होती
क्या ऐसी मीश्री माखन मैं होती
थोडा सा माखन खिलाकर वोह ग्वालिन
अन्नपुर्ना सी दानी हो गयी
राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी …

राधा न होती तो कुंज गली भी
ऐसी निराली न होती
राधा के नैना न रोते तो
जमुना ऐसी काली न होती
सावन तो होता जुले न होते
राधा के संग नटवर जुले ना होते
सारा जीवन लूटन के वोह भीखारन
धनिकों की राजधानी हो गयी
राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी …

Read More Posts