जानिए होली खेलने के लिए हर्बल रंग कैसे बनाए JAniye holi khelne ke liye herble rang kaise banaye

सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ...

दोस्तों होली के दिन युवा वर्ग होली खेलने के लिए रोमांचित रहता है। होली के दिन रंगों का प्रयोग ना हो तो होली का महत्त्व ही ख़त्म हो जाएगा। लेकिन केमिकल युक्त रंगों के प्रयोग से हमारी त्वचा को हानि पहुँच सकती हैं। इससे बचने के लिए हमें प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करना चाहिए।


 

प्राकृतिक रंग बनाने की विधि -
  1. लाल रंग - दो छोटे चम्मच लाल चन्दन पावडर को पाँच लीटर पानी में डालकर उबालें। इसमें बीस लीटर पानी और डालें। सूखा लाल चन्दन, लाल रंग के पाउडर जैसा होता है इसका उपयोग लाल के समान किया जा सकता है। अनार के छिलकों को पानी में उबालकर भी लाल रंग बनाया जा सकता है। सिन्दूरिया के बीज लाल रंग के होते हैं, इनसे आप सूखा व गीला लाल रंग बना सकते हैं। बुरांस के फूलों को रातभर पानी में भिगो कर भी लाल रंग बनाया जा सकता है, लेकिन यह फूल सिर्फ पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। पलिता, मदार और पांग्री में लाल रंग के फूल लगते हैं। ये पेड़ तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। फूलों को रातभर में पानी में भिगो कर बहुत अच्छा लाल रंग बनाया जा सकता है।
  2. हरा रंग - सूखे मेहँदी पावडर को आप हरे रंग की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। सूखी लगाने पर इसे यूँ ही हाथ से साफ किया जा सकता है। गीली मेहँदी से त्वचा पर रंग रह जाने का डर रहता है, इसलिए इसे बालों पर लगाने से ज्यादा फायदा होगा। इसे बेझिझक किसी के बालों पर भी लगा सकते हैं। दो चम्मच मेहँदी को एक लीटर पानी में मिलाकर अच्छी तरह से हिलाएँ। पालक, धनिया और पुदीने की पत्तियों का पेस्ट पानी में घोलकर गीला हरा रंग बनाया जा सकता है। गुलमोहर की पत्तियों को सुखाकर, महीन पावडर कर लें, इसे आप हरे रंग की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
  3. नारंगी रंग - एक चुटकी चन्दन पावडर को एक लीटर पानी में भिगो देने से नारंगी रंग बनता है। टेसू (पलाश) के फूलों को रातभर पानी में भिगो कर बहुत ही सुन्दर नारंगी रंग बनाया जा सकता है। कहते हैं भगवान श्रीकृष्ण भी टेसू के फूलों से होली खेलते थे। टेसू के फूलों के रंग को होली का पारम्परिक रंग माना जाता है। हरसिंगार के फूलों को पानी में भिगो कर भी नारंगी रंग बनाया जा सकता है।
  4. गुलाबी रंग - चुकन्दर को किस लें और इसे एक लीटर पानी में भिगो दें। बहुत ही अच्छा गुलाबी रंग तैयार हो जाएगा। गहरे गुलाबी रंग के लिए इसे रातभर भिगोएँ।
  5. जासवंती के फूलों को सुखाकर उसका पावडर बना लें और इसकी मात्रा बढ़ाने के लिए आटा मिला लें।
  6. दो चम्मच हल्दी में चार चम्मच बेसन मिला लीजिए। हल्दी व बेसन का उबटन त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें आप बेसन की जगह कोई भी आटा या टेल्कम पावडर मिला सकते हैं।
एक बार फिर - सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ...
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