बेटी का रिश्ता करते समय इन बातों पर ध्यान दें Beti Ka Rishta karte samay in bato par dhyan den

जिस घर में बेटी का जन्म हो जाता है उस घर में समझों लक्ष्मी आई है। माँ - बाप बहुत ही प्यार से बेटी का पालन - पोषण करते है। जब बेटी शादी योग्य हो जाती है तो माता - पिता को बेटी के भविष्य की चिंता सताने लगती है, वो सोचते है की उनकी बेटी किसी ऐसे घर में जाएँ, जहाँ उसे सुख प्राप्त हो।


बेटी के शादी योग्य होने पर मां - बाप बेटी के लिए योग्य वर की तलाश शुरू कर देते हैं। वो उसके लिए योग्य वर ढूंढने की हर संभव कोशिश करते है परन्तु कई बार ऐसा भी देखने में मिलता है की लोग जल्दबाजी में या सगे संबंधियों के दबाव में आकर बिना पूरी जानकारी प्राप्त किए और बिना छानबीन किए ही रिश्ता पक्का कर देते है। इस कारण बेटी को पूरी उमर दुख सहने पड़ते है।

बेटी का रिश्ता करने से पूर्व निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखें -
  1. बेटी की शादी तब करें जब वह पूर्ण रूप से शादी योग्य हो जाएँ। कभी भी छोटी उमर में बेटी की शादी ना करें। 18 वर्ष की आयु से पहले लड़की की शादी करना कानूनन अपराध भी है।
  2. अपनी लाडली की शादी ज्यादा बड़ी या छोटी उमर के लड़के से ना करें।
  3. अपनी लाडली से उसकी पसंद - नापसंद की जानकारी जरुर लें और उसकी इच्छा के अनुसार ही वर की तलास करें।
  4. अपनी बेटी के लिए, उसके रंग-रूप, कद व स्वास्थ्य के अनुरूप ही वर की तलाश करें।
  5. केवल बिचोलिए की बातों पर विश्वास करके ही रिश्ता तय ना करें, लड़के व उसके परिवार की अपने स्तर पर छानबीन अवश्य कर लेनी चाहिए।
  6. शादी लड़के से करनी है उसकी नौकरी या जायदाद से नहीं, इसलिए कभी भी लड़के के पद और हैसियत को देखकर उसके रूप, रंग, कद, स्वास्थ्य आदि को नजर अंदाज ना करें।
  7. अवगुणी लडक़े से अपनी बेटी का रिश्ता कभी न करें। भले ही वो कितना भी सुंदर, पैसे वाला या रुतबे वाला ही क्यों न हो।
  8. बेटी का रिश्ता करते समय ध्यान रखें कि आपकी बेटी कितनी पढ़ी - लिखी है और इसी योग्यता के अनुसार ही वर की तलास करें। यदि आपकी लड़की ज्यादा पढ़ी है और आप उसकी शादी किसी कम पढ़ें लड़के से कर देते है तो वह आपकी बेटी की पढाई की कद्र नहीं करेगा। इसलिए अपनी बेटी के बराबर या ज्यादा पढ़ें लड़के से ही उसकी शादी करें।
  9. यदि आप अपनी लाडली की शादी किसी ऐसे व्यक्ति से करना चाहते है जो जन्मा भारत में है लेकिन अब रहता विदेश में है तो उस देश में रहने वाले भारतीय एम्बेसी से उसके बारे में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।
  10. अपनी बेटी या उसकी शादी को बोझ न समझें। कुछ लोग सोचते है कि बेटी की शादी करके उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को पूरा कर दिया है लेकिन यह याद रखें कि आपकी लाडली को आपके द्वारा चुने गए लड़के के साथ अपनी पूरी जिंदगी गुजारनी है इसलिए ऐसा कुछ भी ना होने दें कि उसे आपकी ख़ुशी के लिए अपनी ख़ुशी से समझौता करना पड़े और पूरी उमर दुखों को झेलना पड़ें। उसके विश्वास को बनाएँ रखें यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी है।
  11. यदि लड़का स्वयं कुछ कमाता नहीं है और माँ-बाप की कमाई के सहारे अपना जीवन यापन कर रहा है ऐसे बेरोजगार लड़के से अपनी लाडली का रिश्ता कभी ना जोड़े।
  12. कई लोग सोचते है कि उनकी बेटी का रिश्ता किसी बड़े घर में हो। यह सोच भी गलत है। बेटी का रिश्ता हमेशा लगभग अपनी बराबरी की हैसियत वाले परिवार में ही करें।
  13. दहेज के लोभियों के साथ कभी भी रिश्ता ना जोड़े क्योंकि उनका मुंह पूरी जिन्दगी ज्यादा ही खुलता रहेगा, जिसे भरते - भरते आप थक जाएँगे और आपकी बेटी को वहां कभी आत्मिक शांति नहीं मिलेगी।

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