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कान का बहना व दर्द और बहरेपन का देशी इलाज Kaan ka bahna v dard aur bahrepan ka deshi ilaz

कान की रचना जटिल और अत्यंत नाजुक है। यह हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। कभी - कभी हमारे कान में दर्द होने लगता है। कान में दर्द तब होता है जब किसी कारण से युस्टेशियन नली में कोई रूकावट आ जाती है। इस नली का कार्य गले और मध्यकर्ण को मिलाना है।
 
 
 
युस्टेशियन नली में रूकावट आने से कान में दर्द होना संभव है। इस नली में रूकावट आने के भी कुछ कारण होते है। आइये इन कारणों की जानकारी लेते है....

युस्टेशियन नली में रूकावट आने  के कारण - 
  1. ज्यादा तेज ध्वनी के कारण।
  2. कान में मैल होने के कारण।
  3. कान में कोई कीड़ा आदि घुस जाने के कारण।
  4. कान में संक्रमण होने के कारण।
  5. नहाते समय कान में पानी घुस जाने के कारण।
  6. किसी कारण से कान में चोट लगने से।
  7. सर्दी लगने से।
जब कान में दर्द होता है तो यह दिन की अपेक्षा रात में ज्यादा दर्द करता है। कान दर्द की समस्या ज्यादातर बच्चों में देखने को मिलती है। यदि कान में दर्द संक्रमण के कारण है तो इलाज नहीं करवाने पर कान से पीप बहने लगती है। इसलिए इसका जल्दी ही किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज करवाना ज्यादा उचित रहता है।

कान के दर्द को भगाने के घरेलू नुख्से -
  • बच्चों का कान बहता हो तो एक-दो बूंद चूने का पानी ड्रापर से डालें।
  • कान का दर्द के लिए आम के पत्तों का रस गुनगुना करके कान में डालने से फायदा होता है।
  • गाय के शुद्ध देसी घी में अजवायन डालकर अच्छी तरह पका लें। छानकर, गुनगुना एक दो बूंद कान में टपकाएं।
  • बच्चों में कान दर्द महसूस हो तो मां के दूध में समान मात्रा में कद्दू का रस मिलाकर दो बूंद कान में टपकाएं।
  • गेंदे के पत्तों का ताजा रस की कुछ बूंदें कान में डालने पर तुरंत राहत महसूस होती है।
  • अदरक के रस में शहद तथा नमक (थोड़ा-सा) डालकर अच्छी तरह मिला लें। उसे गुनगुना करके कानों में टपकाएं।
  • चुकंदर के पत्तों का रस गुनगुना करके दो-दो बूंद दोनों कानों में, तीन-तीन घंटे के अंतर से डालने से कान का दर्द दूर होता है।
  • तुलसी के पत्तों का रस या गेंदे के फूलों का रस कान में टपकाने से (दो बूंद) दर्द ठीक होता है।
  • पीली सरसों के तेल में लहसुन गरम करके गुनगुने तेल की दो-दो बूंद कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है।
  • बहरेपन के लिए लगभग छियालीस ग्राम कड़वे बादाम के तेल में लहसुन की बारह मध्यम आकार वाली कलियां डालकर तब तक पकाएं, जब तक कलियां जल न जाएं। इसके बाद लहसुन की कलियां निकालकर फेंक दें और तेल को छानकर रख लें। इस तेल को गुनगुना करके दो बूंद की मात्रा में रोज़ाना कान में डालें। इससे बहरेपन में लाभ होता है।
  • कान के दर्द में पुदीना का रस डालने से लाभ मिलता है।
  • केले के पत्तों के रस में समुद्रफेन मिलाकर डालने से आराम मिलता है।
  • प्याज़ का रस थोड़ा-सा गर्म करके एक या दो बूंद कान में डालें। इससे कान का बहना, बहरापन व दर्द आदि रोग दूर होते हैं।
  • सरसों का तेल दस तोला लेकर उसमें रतनजोत एक तोला डालकर पकाएं। जब जलने लगे, तो इस तेल को साफ शीशी में भरकर रख लें। कान बहे या दर्द करे, सभी परिस्थितियों में यह प्रयोग लाभ पहुंचाता है।
  • फिटकरी 20 माशा, हल्दी एक माशा पीसकर रख लें। आवश्यकता पड़ने पर कान को रुई से साफ करके दो रत्ती दवा डालें। लाभ मिलता है।
  • प्याज़ का रस, हलका गरम डालने से लाभ मिलता है। कड़वे बादाम का तेल कान में टपकाने से बहरापन ठीक हो जाता है।
  • दर्द वाले कान में हायड्रोजन पेराक्साइड की कुछ बूंदे  डालें। इससे कान में जमा मैल( वाक्स) नरम होकर बाहर निकल जाता है।  अगर कान में कोइ संक्रमण होगा तो भी यह उपचार उपकारी रहेगा। हायड्रोजन में उपस्थित आक्सीजन जीवाणुनाशक होती है।
  • जेतुन का तेल मामूली गरम करके कान में डालने से दर्द में राहत होती है।
  • मुलहठी घी में भूनें। बारीक पीसकर पेस्ट बनाएं। इसे कान के बाह्य भाग में लगाएं। कुछ ही मिनट में दर्द समाप्त होगा।
  • बच्चों के कान में पीप होने पर स्वस्थ स्त्री के दूध की कुछ बूंदें कान में टपकादें। स्त्री के दूध में प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने के गुण विद्यमान होते हैं।
  • कान में पीब होने पर दिन में 3 बार प्याज का रस गरम करके कान में 2 - 4 बूंदे डालें।
  • मूली के बारीक टुकडे करलें। सरसों के तेल में पकावें। छानकर शीशी में भर लें ।कान दर्द में इसकी 2 - 4 बूंदे टपकाने से आराम मिल जाता है।
  • गरम पानी में सूती कपडा भिगोकर निचोडकर 3 - 4 तहें बनाकर कान पर सेक के लिये रखें। कान दर्द से निजात मिलेगी।
  • सरसों का तेल गरम करें। हल्का गरम तेल 2 - 4 बूंदे कान में टपकाने से कान दर्द में तुरंत लाभ होता है।
  • सोते वक्त सिर के नीचे बडा तकिया रखें। इससे युस्टेशियन नली में जमा श्लेष्मा नीचे खिसकेगी और नली साफ़ होगी। मुंह में कोई चीज चबाते रहने से भी नली का अवरोध हटाने में मदद मिलती है।

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