काम-वासना की इच्छा से छुटकारा कैसे पाएं Kamvasna ki ichchha se chhutkara kaise payen

प्रिय दोस्त आप किसी कार्य के लिए जिस उपकरण का प्रयोग करते है वह उपकरण आपके लिए महत्त्वपूर्ण है और तब तक आप उस उपकरण का उपयोग नहीं छोड़ सकते जब तक आपको उससे ज्यादा अच्छा उपकरण नहीं मिल जाएगा। ठीक इसी प्रकार हम तब तक कोई आदत नहीं छोड़ सकते जब तक हम किसी अन्य कार्य में व्यस्त नहीं हो जाते है।

 

अगर आप किसी आदत से छुटकारा पाना चाहते है तो आप लाख बार कोशिश करके भी इसे नहीं छोड़ सकते है। यदि आप इसे छोड़ने की ज्यादा कोशिश करते है तो यह पूरी तरह से आपके दिमाग व चेतना पर हावी होने लगेगी। जैसे ही आपको कोई अन्य ऐसा काम मिल जाता है जो आपको पहले वाली अपनी आदत से ज्यादा अच्छा लगता है तो आप तुरंत अपनी पुरानी आदत से छुटकारा प्राप्त कर सकते हो।

बौद्धिककार्यों में ज्यादा डूबे रहने वाले लोग सैक्स करने की बजाय कोई किताब पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि उनकी नजर में इसका कोई महत्व नहीं है। यदि आप काम - सुख को ही अच्छा मानते है तो लोगों के लाख बार इसे बुरा कहने पर भी आपको यह उचित नहीं लगेगा और आप इसे छोड़ना भी नहीं चाहोगे। मगर यदि आपको इससे भी ज्यादा मजेदार कुछ अन्य कार्य मिल जाएँ तो आप इसके बारे में सोचना भी बंद कर देंगें। आपकी यह आदत बिना किसी कोशिश के ही छुट जाएगी और ना ही इसके लिए आपको किसी के उपदेश की जरुरत पड़ेगी।

इससे यह साबित होता है की आप किसी सुख को चाहकर भी नहीं छोड़ सकते है बल्कि उससे बड़ा सुख मिलने के बाद स्वयं ही पहला सुख छोटा दिखाई देने लगता है और इसके प्रति आपकी रूचि कम हो जाती है। कामवासना भी आपके जीवन का सबसे छोटा सुख है परन्तु आप इसे चाहकर भी तब तक नहीं छोड़ सकते है जब तक आपकी नजर में यह छोटी नहीं हो जाती है। इसके लिए सबसे उचित है कि आप किसी धार्मिक कार्य में मन लगाएँ, जब आप इस कार्य में पूर्ण रूप से विलीन हो जाएँगे तो आपकी कामवासना की इच्छा स्वयं ही समाप्त हो जाएगी।

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