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किशोरावस्था में सैक्सशिक्षा कैसे दी जानी चाहिये Kishoravastha me saxshiksha kaise di jaye

किशोरावस्था में सैक्सशिक्षा कैसे दी जानी चाहिये Kishoravastha me saxshiksha kaise di jaye - किशोरावस्था में बच्चों में सैक्ससंबंधों के प्रति कई सवाल होते हैं। टी.वी, इंटरनेट के जरिए उनके ये सवाल और बढ़ जाते हैं। किशोरावस्था में बच्चों में कई बदलाव होते हैं, ऐसे में जरूरी है कि उन्हें सैक्सशिक्षा अपने स्कूल व अभिभावक से मिलें। आइये जानते है इस काम को कैसे पूरा करें।
 
अगर आप बच्चों के सवालों के जवाब को टालने की कोशिश करेंगे तो वह इसकी जानकारी कहीं और से लेने की कोशिश करेंगे। जब वो इस जानकारी को कहीं और जगह से लेंगे तो उन्हें गलत व अधूरी जानकारी मिल सकती है जो उनके लिए नुकसानदायक शाबित हो सकती है।

सैक्सशिक्षा के लिए उचित बातें - 
  1. किशोरावस्था में सैक्सशिक्षा देते समय बच्चों को एड्स व अन्य यौन रोगों के बारे में जरूर बताएं। 
  2. एड्स व अन्य यौन रोगों से बचाव के तरीकों के बारे में भी बताएं।
  3. प्रत्येक टीचर व माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही जानकारी दें। और जो भी उनके पास गलत जानकारी हो उसे सुधारें।
  4. बच्चों को इस उम्र में सही सैक्सशिक्षा देने से वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहते हैं। 
  5. इस उम्र में बच्चों को यह समझाने की जरूरत होती है कि सैक्ससंबंध से पहले सावधानी बहुत जरूरी है।
  6. शादी से पहले ही कोई लड़की गर्भवती ना हो इसके लिए लड़कियों को उनकी माँ या स्कूल में मैडम द्वारा इससे बचने संबंधी जानकारी दी जाएं।