बिना बाप का बेटा सूना बिन माता के छोरी Bina bap ka beta suna bina maa ke chhori

अगस्त 27, 2016
प्रिय दोस्त, बिना बाप के बेटे का, बिना माँ के बेटी का, बिना धरती जमींदार का और बिना पति के पत्नी का इस संसार में क्या हाल होता है, आइये इस रागनी के माध्यम से जाने....

बिना बाप का बेटा सूना बिन माता के छोरी
बिन भूमि जमीदारा सूना बिन बालम के गौरी।टेक

बिना बाप के बेटे नै कोए आछी भूण्डी कैहज्या
थप्पड़ घुस्से लात मार दे वो बैठ्या बैठ्या सैहज्या
मन मैं उठैं झाल समन्दर आख्यां कै म्हा बैहज्यां
जिस का मरज्या बाप वो बेटा चन्दा की ज्यूं गहज्या
कर कै याद पिता नै रोवै या काया काची कोरी।

बिन माता की छोरी की तै रहज्या मन की मन मैं
ओढ़ण पहरण खाण पीण तै कती रहती मैले तन मैं
के जीणा उस बालक का जिसकी मां मरज्या बचपन में
साबत रात आंख ना लागै सपने आवै दिन मैं
मात बिना रै ऐसी लागै जैसे चन्दा बिना चकोरी।

हो बिन भूमि के जमीदार की चाले किते मरोड़ नहीं,
हे रे इंद्र बरसे घुर घुर के जल ओटन ने थोड़ नहीं ,
हे रे महफ़िल बैठी है भाइयो की किते कुव साजा जोहड नहीं,
हे रे उठा बिस्तर चला जाइये हमने तेरी लोड नहीं ,
या धरती उगले हीरे मोती तेरी कतिये मौज होरी।

बिन बालम की गौरी का तै फिकाए बाणा हो सै
आछी भूण्डी कैह कै उस तै पाप कमाणा हो सै
मनै जाट के घर में जन्म लिया घणा न्यूं शर्माणा हो सै
जाट मेहर सिंह साज बिना तै कुछ ना गाणा हो सै
साची बात बखत में कह दे उस साची मैं के चोरी।

Share this

Related Posts

Previous
Next Post »
loading...


Free App to Make Money




Free recharge app for mobile
Click here to download