30/09/2016

चंदन की आधुनिक खेती करने की जानकारी Chandan ki aadhunik kheti karne ki jankari

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अगर आप चंदन की खेती करने की सोच रहे है तो आपके लिए खुश खबरी है क्या आपको मालूम है कि Sandal tree plantation करके आप 15 साल में आराम से 1 करोड़ रूपए कमा सकते है. तो आइये आज हम आपको हिंदी भाषा में इससे जुडी जानकारी देते है.

मिट्टी का चयन व तैयारी - इसके लिए काली, लाल चिकनी बलुई मिट्टी, अच्छी होती है । Minerals और moisture युक्त मिट्टी में इसका विकास कम होता है।  नम मिट्टी जैसे की अच्छी तरह से सूखा जलोढ़ मिट्टी चंदन की खेती के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है क्योंकि इसके वजह से पेड़ों में heartwood तेल की कमी हो जाती है। पुरानी मिट्टी पर इसकी खेती करने से पेड़ में से बेहतर तेल निकाले जा सकते है जबकी ये मिट्टी जल-जमाव का सामना नहीं कर पाती है । पौधे को रोपने से पहले खेत की 2 से 3 बार अच्छे से गहरी जुताई करनी पड़ती है । जुताई हो जाने के बाद 2x2x2 फिट का गढ्ढा खोद कर उसे कुछ दिनों के लिए सुखने के लिए छोड़ दिया जाता है ।

जलवायु - इसके लिए जिस क्षेत्रों का जलवायु मध्यम वर्षा, भरपूर मात्रा में धूप और शुष्क मौसम की लंबी अवधि वाले है उसे अच्छा माना गया है। Due to climate change  निमाड़ का मौसम इसकी खेती के लिए उचित होता है । इसके पौधे के विकास के लिए Perfect temperature 12° c to 30°c के बीच होता है । इसकी खेती के लिए ५०० से ६२५ मिमी. तक annual rainfall की आवश्यकता होती है।

पौधे का रोपण - एक एकड़ भूमि में कुल 435 पौधों लगाए जा सकते है , पौधों से पौधों की दूरी 10 फुट की होनी चाहिए । बीज रोपण हेतु गड्ढ़े का आकार 45cm*45cm*45cm होना चाहिए । आमतौर पर, चंदन मई और अक्टूबर के बीच महीनों में प्रत्यारोपित किया जाता है। स्थानीय किस्मों के प्रदूषण को रोकने के लिए, इन के बीजों को लगाने के लिए केवल शहरी क्षेत्रों को हीं चुने ना की Protected forest areas को  ।

खाद प्रबंधन - चन्दन की खेती के लिए जैविक खाद (fertilizer) की अधिक requirement नहीं होती है। starting में फसल की वृद्धि के समय खाद की जरुरत पड़ती है। लाल मिट्टी के 2 भाग, खाद के 1 भाग  और बालू के 1 भाग को खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है । Silt (गाद) भी पौधों के लिए बहुत अच्छा पोषण प्रदान करता है।

सिंचाई प्रबंधन - बरसात के समय तो चन्दन के पेड़ का काफी तेजी से growth होता है लेकिन गर्मी के मौसम में इसकी सिंचाई अधिक करनी होती है। सिंचाई मिट्टी में नमी absorb करने की capacity तथा weather पर depend करता है। starting में बरसात के बाद December से may तक सिंचाई करते रहना चाहिए । रोपण के बाद जब तक बीज का 6 से 7 सप्ताह में अंकुरण शुरू ना हो जाये तब तक सिचाईं को रोकना नहीं चाहिए। चन्दन की खेती में पौधों के विकास के लिए मिट्टी का हमेशा नम और जल भराव होना जरुरी होता है । अंकुरित होने के बाद केवल alternate days पर हीं सिंचाई करे ।

खरपतवार - चन्दन की खेती करते समय, चंदन के पौधे की पहले साल में सबसे अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है । पहले साल में पौधों के इर्द-गिर्द की काफी कर के खरपतवार को हटा देना चाहिए । यदि आवश्यक हो तो दूसरे वर्ष में भी साफ सफाई कर देना उचित रहता है । किसी भी तरह का पर्वतारोही या जंगली छोटा कोमल पौधा के चारों ओर हो तो कटौती कर के उन्हें हटा दें।

कीट व रोग नियंत्रण - सैंडल स्पाइक (Sandle spike) नाम का एक रोग है जो की चन्दन के पेड़ का सबसे बड़ा दुश्मन कहलाता है। इस रोग के लगने से चन्दन के पेड़ सभी पत्ते ऐंठा कर छोटे हो जाते हैं साथ हीं पेड़  टेढ़े मेढ़े हो जाते है । अब तक इस रोग के बचाव के लिए सभी प्रयत्न Fail साबित हुए हैं। अभी तक इसका कोई इलाज नहीं इजाद हुआ है, पर मेरा मानना है की प्रकर्ति में ही सब कुछ उपाय और उसका इलाज उपलब्ध है |

जब भी आप चंदन के पेड़ लगाये, उसके 5 से 7 feet की दुरी पर एक नीम का पौधा लगा दे ताकि कई तरह के किट-पतंग से चंदन के पेड़ की सुरक्षा हो सके | कोशिश करे की हर 3 चंदन के पेड़ के बाद एक नीम का पौदा जरुर लगा दे, और खर पतवार को पौधे के आस पास नहीं जमा होने दें |

फसल की कटाई - चंदन के पेड़ की जड़े(root) भी बहुत ख़ुशबूदार होते है इसलिए इसके पेड़ को काटने के बजाय जड़ सहित उखाड़ लिया जाता है । पौधे को रोपने के 5 साल बाद से चन्दन के रसदार लकड़ी बनना start हो जाते है ।

चंदन के पेड़ को काटने के बाद उसकी लकड़ी मे से दो parts निकलते है एक जिसे रसदार लकड़ी कहा जाता है और दूसरा सूखी लकड़ी । दोनो ही लकड़ियों का price  अलग – अलग होता है। चन्दन के पेड़ जब 14 से 15 years old हो जाते है तब जा कर इसके पेड़ से लकड़ी प्राप्त की जाती  है ।  पेड़ को जड़ सहित उखाड़ लेने के बाद इसे Pieces में काट कर इससे Hart wood को अलग कर लिया जाता है ।

चंदन की आधुनिक खेती करने की जानकारी Chandan ki aadhunik kheti karne ki jankari Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Satish Kumar

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