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आप सभी को करवाचौथ की हार्दिक शुभ कामनाएँ Aap sabhi ko karvachauth ki hardik shubhkamnayen

हर रिश्ता परस्पर प्रेम और विश्वास पर टिका हुआ होता है. ऐसा ही पति पत्नी का रिश्ता भी होता है. छोटे - मोटे झगडे, हलके फुल्के ताने ही तो इसकी नीव है, इसलिए आपस में छोटी - मोटी बात पर बुरा नहीं मानना चाहिए.

केवल मात्र हिन्दू संस्कृति ही ऐसी संस्कृति है जहाँ त्यौहारों पर अपनी नहीं अपितु परिवार की मंगल कामना की जाती हैं. रक्षाबंधन, दशहरा व भाईदूज पर जहाँ बहनों द्वारा भाई के मंगल की कामना की जाती है वहीँ पत्नी द्वारा करवा चौथ, तीज तथा कुछ अन्य पर्वों पर पति की कुशलता व दीर्घ आयु के लिए ईश्वर से प्रार्थना की जाती है और व्रत रखा जाता है.


कुछ स्थानों पर अविवाहित लड़कियां भी अपने मंगेतर या भावी पति की कामना से ये व्रत करती हैं और संकट चतुर्थी, अहोई अष्टमी तथा जीवितपुत्रिका आदि पर्वों पर माँ अपनी संतान के लिए. पूजा व व्रत आदि करती हैं. अब पति भी पत्नी के साथ करवाचौथ पर व्रत रखने लगे हैं. और उपहार आदि दिलाने की व्यवस्था करते हैं.

यह त्यौहार इस प्रकार मनाया जाता है:-

करवाचौथ से एक दिन पूर्व महिलाएं मेहंदी आदि हाथों में रचाती हैं, करवा एक मिटटी का पात्र होता है, जिसमें जल भरकर रखा जाता है.और रात्रि में वही करवे वाले जल से चन्दमा को अर्घ्य दिया जाता है. .अपनी शारीरिक सामर्थ्य व परम्परा के अनुसार महिलाएं इस व्रत को निर्जल ही करती हैं ,पक्वान्न तैयार किये जाते हैं .विशेष रूप से साज-श्रृंगार कर दिन में इसकी कथा या महातम्य सुना जाता है,अपनी श्रद्धेया सास  या नन्द को पक्वान्न ,वस्त्र आदि की भेंट दी जाती है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है.रात्रि में चन्द्रदेवता के उदय होने पर दर्शन कर और पतिदेव की पूजा कर ही व्रत का पारायण किया जाता है. त्यौहार मनाने का तरीका स्थानीय परम्पराओं के अनुसार थोडा भिन्न भले ही हो सकता है.

आपसे अनुरोध:-

जो नारी हमारी लम्बी उम्र और हमारी सफलता के लिए उपवास रखती है क्या उनके प्रति हमारा दायित्व नहीं कि हम उनको वो मानसम्मान ,सुख. और खुशी प्रदान करें जिनकी वो अधिकारी हैं और उनके साथ वैसा ही व्यवहार करें जिसकी अपेक्षा वो अपने लिए करती हैं. ऐसा करने से आपके पति - पत्नी जीवन में मिठास आएगी.

जो पत्नियाँ अपने पति के लिए व्रत तो रखती हैं परन्तु पति का अपमान करने में या अन्य किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार से चूकती नहीं है. उनसे भी मेरी विनती है की वो अपने इस व्यवहार में बदलाव लाए और केवल करवाचौथ के दिन ही नहीं बल्कि पूरी जिन्दगी हर दिन अपने पति को परमेश्वर समझें. ऐसा करके आप अपने पति का दिल जीत सकतीहै.

आइये प्रतिज्ञा करें:- 

हिन्दू रीति-रिवाज़ से विवाह किया है और अग्नि के समक्ष फेरे लिए हैं तो उसे मरते दम तक निष्ठा के साथ निभाएंगे.

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