डॉ. राधाकृष्णन के अनमोल विचार Dr Radhakrishnan ke Anmol Vachan Hindi me

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प्रिय दोस्त आज का यह पोस्ट "अनमोल विचार" पर आधारित है। इस पोस्ट में आप डॉ. राधाकृष्णन के अनमोल विचार पढ़ सकते है।  वे समूचे विश्व को एक विद्यालय मानते थे। उनका मानना था कि शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है। इसलिए विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबंधन करना चाहिए।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी,विद्वान,शिक्षक,वक्ता,प्रशासक,राजनायिक,देशभक्त और शिक्षाशास्त्री डॉ. राधाकृष्णन जीवन में अनेक उच्च पदों पर रहते हुए भी शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देते रहे।


डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के प्रेरणादायक विचार -  Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Quotes in Hindi
  • उनका कहना था कि यदि शिक्षा सही प्रकार से दी जाए तो समाज से अनेक बुराइयों को मिटाया जा सकता है। शिक्षक दिवस के मौके पर आइए जानते हैं शिक्षा,शिक्षक और ज्ञान के बारे में उनके अनमोल विचार।
  • शिक्षक वह नहीं जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन ठूंसे,बल्कि वास्तविक शिक्षक तो वह है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करें।
  •  भगवान् की पूजा नहीं होती बल्कि उन लोगों की पूजा होती है जो उनके नाम पर बोलने का दावा करते हैं।
  • अगर हम दुनिया के इतिहास को देखे,तो पाएंगे कि सभ्यता का निर्माण उन महान ऋषियों और वैज्ञानिकों के हाथों से हुआ है,जो स्वयं विचार करने की सामर्थ्य रखते हैं,जो देश और काल की गहराइयों में प्रवेश करते हैं,उनके रहस्यों का पता लगाते हैं और इस तरह से प्राप्त ज्ञान का उपयोग विश्व श्रेय या लोक-कल्याण के लिए करते हैं।
  • कोई भी आजादी तब तक सच्ची नहीं होती,जब तक उसे विचार की आजादी प्राप्त न हो। किसी भी धार्मिक विश्वास या राजनीतिक सिद्धांत को सत्य की खोज में बाधा नहीं देनी चाहिए।
  • शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है। अत:विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबंधन करना चाहिए।
  • ज्ञान हमें शक्ति देता है, प्रेम हमें परिपूर्णता देता है।
  • शिक्षा का परिणाम एक मुक्त रचनात्मक व्यक्ति होना चाहिए जो ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के विरुद्ध लड़ सके।  

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