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जब भी कोई IPL होता है तो अवश्य ही लोगों दिमाग में कुछ सवाल जरुर उठते होंगे कि IPL में इतना पैसा कहां से आता है और बीसीसीआई, खिलाडि़यों और फ्रेंचाइजी में बंटवारा कैसे होता है। आइए आज inextlive के अनुसार इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते है...


दोस्तों आईपीएल में पैसा आने के कई रास्तें होते है। ये रास्ते निम्नलिखित है-
  • ब्राडकॉस्‍टिंग
  • टाइटल सेंसरशिप और कारपोरेट सेंसरशिप है
  • फ्रेंचाइजी की नीलामी
  • टिकट की सेल
  • अंपायरों की ऑफिशियल स्‍पॉन्‍सशिप और ब्रॉडकास्‍िटंग राइट्स बेचने से 
फ्रेंचाइजी में रेवेन्‍यू: मल्‍डीमीडिया स्‍क्रीन के विज्ञापन से होने वाली कमाई और स्‍पॉन्‍सरशिप के तहत जो 60% पैसा इकट्ठा होता है उसे सभी फ्रेंचाइजियों में बराबर बराबर बांट दिया जाता है। लोकल स्‍पॉन्‍सरशिप, स्‍टेडियम के अंदर की एडवरटाइजिंग और टिकट ब्रिक्री से होने वाली कमी का भी फ्रेंचाइजी को थोड़ा प्रॉफिट मिलता है।

खिलाड़ियों को रेवेन्‍यू: आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ियों की कीमत लाखों से करोंड़ो तक होती है। इन्हें बेसिक एग्रीमेंट में तय राशी, प्राइज मनी, बाउंसेस के रूप में टीम का फिनिशर, सैलरी और उनका डेली एलाउंज तय होता है।

आईपीएल फ्रेंचाइजी को देता: आईपीएल से फ्रेंचाइजी बॉडकॉस्‍टिंग, स्‍पॉन्‍सरशिप, एडवरटाइजिंग, खुद की स्‍पॉन्‍सरशिप और टिकट ब्रिकी में कुछ हिस्‍सा लेती है।

आईपीएल और फ्रेंचाइजी में बंटवारा: आईपीएल की कमाई में 40 फीसदी आईपीएल के खाते में रहता है और 54 फीसदी फ्रैंचाइजी को मिल जाता है। 6 फीसदी प्राइज मनी पर खर्च होता है। 2017 के बाद 50 फीसदी आईपीएल के पास, 45 फीसदी फ्रैंचाइजी के पास और पांच फीसदी प्राइज मनी के लिए रिजर्व हो जाएगा।

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