Header Ads

Breaking News

Ads

बकरी का वजन - अकबर बीरबल की कहानी - Akbar Birbal stories in hindi

एक बार बादशाह अकबर ने एक बकरी देते हुए बीरबल से कहा – बीरबल हम तुम्हें एक बकरी दे रहे हैं इसका वजन तुलवा दो, यह वजन न तो घटना चाहिए और न ही बढना चाहिए. जबकि इसे खुराक पूरी दी जाए.

 

बीरबल सोचने लगे कुछ देर सोचने के बाद उन्होंने बकरी को अपने पास रख लिया, बकरी को पूरा खाना दिया जाता था, उसकी सारी सुविधा का हर तरह से ध्यान रखा जाता था. इस तरह दिन गुजरते जा रहे थे.

एक महीने बाद बादशाह ने बीरबल से पूछा – वह बकरी ठीक तो है ना?
बीरबल - जी हां!
बादशाह - वजन. 
बीरबल - जी उतना ही है.
बादशाह - बढा तो नहीं?
बीरबल - जी नहीं!
बादशाह - भूखी रही होगी इसलिए वजन घटा जरूर होगा.
बीरबल - जी नहीं! पूरा खाना मिला है. वैसी ही स्वस्थ है. वजन भी उतना ही है.

इतना कह-कर बीरबल ने बकरी मंगवाई. बकरी का वनज तौला गया, उसका वजन वही था जो एक महीने पहले था. बादशाह को बडा अचंभा हुआ. क्योंकि उन्होंने यह पता लगा लिया था कि बकरी को पूरी खुराक दी जा रही है.

बादशाह ने बीरबल से कहा – यह क्या राज हैं कि बकरी का वजन न घटा न बढा?
बीरबल बोले – कोई खास बात नहीं हैं जहापनाह सारा दिन बकरी को खिलाता-पिलाता था. रात को एक घंटे शेर के सामने खडा कर देता था, वह भय से कांपती थी और पनप ही नहीं पाती थी.

बीरबल का जवाब सुनकर बादशाह अकबर और अन्य दरबारी मुस्कुराये बगैर नहीं रह सके.