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अंगूर तो खटटे हैं ऐसे खटटे अंगूर कौन खाए - Greedy Fox and The Grapes Story in hindi

एक लोमडी भूखी-प्यासी जंगल में इधर-उधर भटक रही थी लेकिन उसे कहीं कुछ खाने को न मिला. बेचारी पानी पीकर पेट भरतीं और आगे बढ जाती. घुमती-घुमती वह अंगूरों के एक बगीचे में पहुची वहां पर पके अगूरों के लटकते गुच्छे को देखते ही भूखी लोमडी के मूंह में पानी भर गया.


वह अपने पिछले पैरों पर उछल-उछल कर अंगूर के गुच्छों तक पहूंचने की चेष्ठा करने लगी. अंगूर काफी उंचाई पर थे इसलिए वह हर बार अंगूरों तक पहूचंने में नाकाम हो रही थी. लोमडी खूब कुदी-फांदी मगर वह अंगूरों तक पहूंच ही न सकी.

एक तो भूख के मारे पहले ही वह अधमरी हुई जा रही थी दूसरें यहां कहीं-कहीं उछलने के कारण उसकी पसलियां हिल गई थी. अंन्ततः थक-हारकर उसने उम्मीद ही छोड दी और वहां से चलती बनी. जाते-जाते अपने दिल को तसल्ली देने के लिए उसने मन ही मन कहा – अंगूर तो खटटे हैं ऐसे खटटे अंगूर कौन खाए.