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आयुर्वेद को एलोपेथी के मुकाबले ज्यादा बेहतर क्यों माना जाता है? Aayurveda sabse uttam kyo hai?

आयुर्वेद को एलोपेथी के मुकाबले ज्यादा बेहतर क्यों माना जाता है? Aayurveda sabse uttam kyo hai?

दोस्तों, आपने लोगों को यह कहते तो सूना ही होगा कि अन्य दवाइयों के मुकाबले आयुर्वेद सबसे अच्छा इलाज है, इससे आपकी किसी भी बीमारी का इलाज तस्सली से हो जाता है और यह पूर्ण रूप से प्राक्रतिक चीजों पर आधारित है. आइये इसकी ज्यादा जानकारी लेते है..

 

आयुर्वेद को एलोपेथी के मुकाबले ज्यादा बेहतर इसलिए माना जाता है:-
  1. आयुर्वेद की दवाएं किसी भी बीमारी को जड़ से समाप्त करती है, जबकि एलोपेथी की दवाएं किसी भी बीमारी को केवल कंट्रोल में रखती है|
  2. आयुर्वेद का इलाज लाखों वर्षो पुराना है, जबकि एलोपेथी दवाओं की खोज कुछ शताब्दियों पहले हुई है |
  3. आयुर्वेद की दवाएं घर में, पड़ोस में या नजदीकी जंगल में आसानी से उपलब्ध हो जाती है, जबकि एलोपेथी दवाएं ऐसी है कि आप गाँव में रहते हो तो आपको कई किलोमीटर चलकर शहर आना पड़ेगा और डॉक्टर से लिखवाना पड़ेगा |
  4. आयुर्वेदिक दवाएं बहुत ही सस्ती है या कहे कि मुफ्त की है, जबकि एलोपेथी दवाओं कि कीमत बहुत ज्यादा है| एक अनुमान के मुताबिक एक आदमी की जिंदगी की कमाई का लगभग 40% हिस्सा बीमारी और इलाज में ही खर्च होता है|
  5. आयुर्वेदिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है, जबकि एलोपेथी दवा को एक बीमारी में इस्तेमाल करो तो उसके साथ दूसरी बीमारी अपनी जड़े मजबूत करने लगती है|
  6. आयुर्वेद में सिद्धांत है कि इंसान कभी बीमार ही न हो | और इसके छोटे छोटे उपाय है जो बहुत ही आसान है | जिनका उपयोग करके स्वस्थ रहा जा सकता है | जबकि एलोपेथी के पास इसका कोई सिद्दांत नहीं है|
  7. आयुर्वेद का 85% हिस्सा स्वस्थ रहने के लिए है और केवल 15% हिस्सा में आयुर्वेदिक दवाइयां आती है, जबकि एलोपेथी का 15% हिस्सा स्वस्थ रहने के लिए है और 85% हिस्सा इलाज के लिए है |