बाल्यावस्था में परशुराम के माता-पिता इन्हें राम क्यों कहते थे? Parshuram ko Ram kyo kahaa jata tha?

परशुराम भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक थे। इनके पिता का नाम महर्षि जमदग्नि और माता का नाम रेणुका था। बाल्यावस्था में इनके माता-पिता इन्हें राम कहकर पुकारते थे।


जब राम कुछ बड़े हुए तो उन्होंने पिता से वेदों का ज्ञान प्राप्त किया और पिता के सामने धनुर्विद्या सीखने की इच्छा प्रकट की। महर्षि जमदग्नि ने उन्हें हिमालय पर जाकर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कहा। पिता की आज्ञा मानकर राम ने ऐसा ही किया। उस बीच असुरों से त्रस्त देवता शिवजी के पास पहुंचे और असुरों से मुक्ति दिलाने का निवेदन किया। तब शिवजी ने तपस्या कर रहे राम को असुरों को नाश करने के लिए कहा।

राम ने बिना किसी अस्त्र की सहायता से ही असुरों का नाश कर दिया। राम के इस पराक्रम को देखकर भगवान शिव ने उन्हें अनेक अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए। इन्हीं में से एक परशु(फरसा) भी था। यह अस्त्र राम को बहुत प्रिय था। इसे प्राप्त करते ही राम का नाम परशुराम हो गया। शिवजी ने परशुराम को अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान दिया। परशुराम ने इसी परशु ने 21 बार पृथ्वी को क्षत्रिय विहिन कर दिया था।

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