पूजा घर में झाड़ू और डस्टबीन क्यों नहीं रखना चाहिए? Puja Ghar

कहते हैं रोज नियमित रूप से भगवान की पूजा व आराधना से मानसिक शांति मिलती है। पूजा से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। पूजा से मिलने वाली इस ऊर्जा से व्यक्ति अपना काम और अधिक एकाग्रता से करने लगता है लेकिन पूजा का पूरा फल मिले इसके लिए यह आवश्यक है कि पूजन घर वास्तु के अनुरूप हो। पूजा घर का वास्तु सही होने पर घर में सुख व सम्पन्नता बढ़ती है।



वैसे वास्तु के अनुसार पूजा घर ईशान्य कोण में होना चाहिए क्योंकि ईशान कोण में बैठकर पूर्व दिशा की और मुंह करके पूजन करने से स्वर्ग में स्थान मिलता है क्योंकि उसी दिशा से सारी ऊर्जाएं घर में बरसती है। ईशान्य सात्विक ऊर्जाओं का प्रमुख स्त्रोत है। किसी भी भवन में ईशान्य कोण सबसे ठंडा क्षेत्र है।

वास्तु पुरुष का सिर ईशान्य में होता है। जिस घर में ईशान्य कोण में दोष होगा उसके निवासियों को दुर्भाग्य का सामना करना पड़ता है।

इसीलिए घर के इस कोने की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए ऐसी मान्यता है कि पूजा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोने में झाडू व कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में बरकत नहीं रहती है इसलिए वास्तु के अनुसार अगर संभव हो तो पूजा घर को साफ करने के लिए एक अलग से साफ कपड़े को रखें।

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