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शादी से पहले सेक्स करने में क्या हर्ज है? Shadi se pahle sex na karen, aisa kyo kahaa jata hai?

शादी से पहले सेक्स करने में क्या हर्ज है? Shadi se pahle sex na karen, aisa kyo kahaa jata hai?

दोस्तों हमारे समाज में सेक्स के बारे में बात करना भी गन्दा समझा जाता है और जब तक शादी ना हो जाएँ सेक्स करना भी मना है। परन्तु कभी - आपके मन में भी यह सवाल जरुर उठता होगा कि शादी से पहले सेक्स करने से क्यों रोका जाता है।

 

आज हम इसी बात पर कुछ बातें समझने की कोशिश करेंगे परन्तु पहले मैं यहाँ आपको दो लोगों के विचार समझाना चाहूँगा। यहाँ दो लोगों के विचार दिए गए है पहले इन्हें पढ़ लीजिए फिर अपने विषय पर बात करेंगे।

जॉर्डन - 
“कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि क्या शादी से पहले सेक्स वाकई बड़ा पाप है। खासकर जब मुझे बड़ा अजीब लगता है कि मैंने अभी तक सेक्स का तजुरबा नहीं किया है।”

केली - 
“मेरे मन में बार-बार यही बात घूमती रहती है कि क्यों न सेक्स को आज़मा कर देखूँ। मुझे लगता है कि हम सभी में इसे आज़माने की इच्छा होती है। जहाँ भी देखो आज सिर्फ सेक्स की ही बातें होती हैं!”

आपने जॉर्डन और केली के विचार पढ़ें, अब आप सोचिये कि क्या आप भी इन लोगों जैसा ही महसूस कर रहे हैं? हो सकता है आप भी कुछ ऐसा ही सोच रहे होंगे क्योंकि आज वो लोग नहीं रहे है जो दस्तूर और आदर्शवादी थे और शादी से पहले किए गए सेक्स को गलत मानते थे।

आजकल 15 से 24 साल के ज़्यादातर लड़के शादी से पहले लैंगिक संबंध रखना ही सही मानते है, इतना ही नहीं बल्कि उनसे इस काम की उम्मीद भी रखी जाती है। पूरी दुनिया में बहुत सारे नौजवान 20 साल के होने से पहले ही लैंगिक संबंध बनाने में कामयाब हो जाते हैं।

कुछ नौजवान जो लैंगिक संबंध नहीं बना पाते है वो मज़ा लेने के लिए अन्य तरीके ढूँढ़ लेते हैं। जैसे:- हस्तमैथुन आदि। कुछ तो आपसी हस्तमैथुन या ओरल सेक्स भी कर लेते है।

द न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट एक रिपोर्ट से पता चला है कि “आजकल लैंगिक काम मुख मैथुन से भी शुरू किए जाते है। नौजवानों ने इसे सही भी माना है क्योंकि वो सोचते है कि इस प्रकार से वो लैंगिक संबंध बनाने से बच जाते है और इसमें खतरा भी कम होता है।

परन्तु ऐसा करके यदि आप सोचते है कि आपका कुँवारापन सलामत रहता है और आप पाप के भागीदार नहीं बन रहे है तो आप बिलकुल गलत सोच रहे है क्योंकि यदि 2 अविवाहित लोग, मुख मैथुन करते हैं या एक-दूसरे के जननांगों से खेलते हैं, तो वे भी महापाप कर रहे होते हैं। परमेश्वर की नज़रों में कुँवारा या कुँवारी शब्द का मतलब नैतिक शुद्धता से है। यदि स्त्री-पुरुष सम्भोग के अलावा भी कोई अन्य तरीका प्रयोग करते है तो भी वो अशुद्ध हो जाते है। यदि आप शारीरिक तौर पर शुद्ध नहीं है तो आपको कुँवारा या कुँवारी नहीं कहा जा सकता है।

एक मसीही युवती, केली ने यह भी कहा है कि “पूरे हाई स्कूल के दौरान न जाने कितनी बार मुझसे कहा गया: ‘तुम बेवकूफ हो जो इस हसीन मौके को गँवा रही हो!’”

शादी से पहले सेक्स सिर्फ ‘थोड़े दिन का सुख’ है। इससे हमारे शरीर, मन और आध्यात्मिकता को जो नुकसान हो सकता है, उसका असर उम्र-भर रहता है।

लैंगिक संबंध बनाने से बहुत बीमारियाँ भी लगती हैं। ये ऐसी दर्दनाक बीमारियां है जिनका कोई इलाज भी नहीं है। दुनिया-भर में हर दिन एड्‌स से पीड़ित होनेवाले लोगों में आधे से ज़्यादा की उम्र 15 से 24 के बीच ही होती है। लड़कों के मुकाबले लड़कियों को लैंगिक बीमारी (यहाँ तक कि एड्‌स) लगने का खतरा ज़्यादा रहता है। शादी से पहले लैंगिक संबंध रखने से खासकर लड़कियाँ समस्याओं में पड़ती हैं। यदि लड़की गर्भवती हो जाए तो कम उम्र होने की वजह से लड़की का शरीर बच्चे को सही-सलामत जन्म देने के लिए तैयार नहीं होता है और वह अपने साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे को भी खतरे में डाल देती है।

नाजायज़ लैंगिक संबंध का एक इंसान की आध्यात्मिकता और भावनाओं पर भी बुरा असर पड़ता है इसलिए शादी से पहले सम्बन्ध बनाने से बचें।