जानिये मृत्यु के बाद आपको स्वर्ग मिलेगा या नर्क और कैसे होगी आपकी मृत्यु? - heaven or hell

जानिये मृत्यु के बाद आपको स्वर्ग मिलेगा या नर्क और कैसे होगी आपकी मृत्यु? - heaven or hell

मृत्युलोक पर जो जन पैदा होता है, उसे इसे छोड़ कर एक दिन जाना पड़ता है। वैष्णव ग्रंथ गरूड़ पुराण दो भागों में विभाजित है। पहले भाग में विष्णु भक्ति का वर्णन है और दूसरे भाग में प्रेत कल्प से लेकर नरक तक का संपूर्ण वृतांत है। जब किसी हिंदू की मृत्यु हो जाती है, उसके बाद गरूड़ पुराण को पढ़ने का विधान है।



बहुत सारे लोगों में ये गलत धारणा है की इस ग्रंथ को केवल मृत्यु के बाद पढ़ा जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। जीवनकाल में इस ग्रंथ को पढ़ने से पाप-पुण्य, नरक-स्वर्ग का ज्ञान पूर्ण रूप से प्राप्त होता है। इस पुराण से जाना जा सकता है की कैसे होती है किसी भी व्यक्ति की मौत।

गरुड़ पुराण के अनुसार जब किसी प्राणी की मृत्यु का समय पास आता है तो यमराज के दो दूत मरन अवस्था में पड़े प्राणी के पास आ जाते हैं। पापी मनुष्य को यम के दूतों से भय लगता है। जिन लोगों ने जीवन भर अच्छे कर्म किए होते हैं उन्हें मरने के समय अपने सामने दिव्य प्रकाश दिखता है और उन्हें मृत्यु से भय नहीं लगता।

सत्यवादी, आस्तिक, किसी का दिल न दुखाने वाले, धर्म के पथ पर चलने वाले लोगों की मृत्यु सुखद होती है। जो दूसरों में गलत धारणाएं फैलाकर उन्हें गलत पथ पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं, वह अंत समय में दर्द भरी मृत्यु प्राप्त करते हैं।

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