इन जगहों पर शारीरिक संबंध बनाने से कैंसर का खतरा रहता है - The risk of cancer from sex

इन जगहों पर शारीरिक संबंध बनाने से कैंसर का खतरा रहता है - The risk of cancer from sex

समाज में तेजी से आ रहे खुलेपन में  शारीरिक सम्बन्ध के कारण किशोरों और युवकों में कैंसर का असर तेजी से फैल रहा है। और पश्चिमीकरण के कारण समाज में ओपन शारीरिक संबंध के कल्चर में तेजी आई है। और शारीरिक संबंध की वजह से समाज में कैंसर भी फैल रहा है। इंटरनेट फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों आधुनिक शॉपिंग मॉल्स के कारण लड़के-लड़कियों के बीच असुरक्षित शारीरिक संबंध तेजी से बढे़ हैं।



विशेषज्ञों के अनुसार शारीरिक संबंध को लेकर खुलेपन का खामियाजा युवकों एवं किशोरों को भुगतना पड़ रहा है। अमेरिका में हुए एक सर्वे से पता चला है। यहां हर चार में से एक किशोर लड़की किसी न किसी संक्रामक यौन रोग से पीड़ित हैं। ये रोग बाद में गर्भाशय के कैंसर, मुंह के कैंसर और बांझपन के कारण बन जाते हैं। जिसके कारण युवाओं में एड्स और कैंसर की बीमारी तेजी से फैल रही है।

बडे़ शहरों में 35-45 महिलाओं को स्तन कैंसर होता है। आधुनिक समाज में महिलाओं में कम उम्र में ही स्तन कैंसर का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके लिये किशोरावस्था में मोटापा, देर से शादी,करियर,शहरी तनाव,देर से बच्चे का जन्म,बच्चे को स्तनपान नहीं कराना। कम उम्र में माहवारी की शुरुआत और देर से रजोनिवृति आदि प्रमुख रूप से जिम्मेदार है। और इसका इलाज संभव है। इस कैंसर के इलाज के बाद सामान्य यौन जिंदगी और प्रजनन संभव है। लड़कियों एवं महिलाओं में होने वाला सामान्य कैंसर अंडाशय का कैंसर है। जो शारीरिक संबंध कोशिकाओं से होता है।

हालांकि इनमें से अधिकतर कैंसर का इलाज संभव है। हर साल करीब ढाई लाख युवा एवं किशोर ऐसे कैंसर के शिकार बनते हैं। जो गर्भाशय के कैंसर का मुख्य कारण है। गर्भाशय के कैंसर का पता पैप स्मीयर जांच से लगाया जा सकता है। ज्यायदातर 15 से 35 वर्ष के किशोर एवं युवक कैंसर से पीड़ित पाये जा रहे है। भारत की आबादी का 40 प्रतिशत हिस्सा यानी 4 करोड़ 65 लाख लोग इसी आयु वर्ग के हैं। बाल्यावस्था के कैंसर की तुलना में 15-35 वर्ष के युवाओं में कैंसर का प्रकोप लगभग आठ गुना अधिक है। शारीरिक संबंध में अधिक सक्रिय महिलाओं और लड़कियों में ह्ययूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण होने का खतरा अधिक रहता है।

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