इन्टरनेट से खोज लिया लड़की का मोबाइल नंबर और फिर...

हाय, मेरा नाम दिलरुबा है. मेरी उम्र 21 साल है और मैं दिल्ली में अकेली रहती हूँ. मेरी रातें बहुत मुश्किल से कटती है. क्या आप मेरे साथ रात बिताना चाहोगे? मुझे इस मोबाइल नंबर 99××32×××× पर किसी भी समय कॉल कर लीजिये.

 

हालांकि यह सब अंगरेजी में लिखा था, परन्तु दिल्ली के ही रहने वाले 22 साल के अंकित कुमार (बदला नाम) ने यह सब आराम से पढ़ लिया क्योंकि वो 12वीं पास किये हुए था. यह दिल्ली के नजदीक के एक गांव से दिल्ली में आ कर बस गए थे.

इस नौजवान ने कुछ दिन पहले ही स्मार्टफोन खरीदा था. मालदार किसान परिवार का होने की वजह से अंकित कुमार को पैसों की कमी नहीं थी, इसलिए अपनी दुकान पर बैठा बैठा वह कालगर्ल ढूंढ़ने लगा और ढूंढ़ा तो हैरान रह गया. उसे ऐसा लगा, मानो इस दुनिया में ऐसी लड़कियों के अलावा कुछ है ही नहीं, जो हजार रुपयों के एवज में अपना जिस्म बेचती हैं और बाकायदा फोटो समेत इश्तिहार भी करती हैं. उन्हें अपना फोन नंबर देने में कोई हिचक नहीं होती और किसी का डर भी नहीं लगता.

आखिरकार हिम्मत कर के अंकित कुमार ने दिए गए नंबर पर फोन किया, तो दूसरी तरफ से उम्मीद के मुताबिक एक लड़की की ही आवाज आई.

‘हैलो, कहिए?’ वह लड़की बोली, तो अंकित कुमार सकपका गया और हड़बड़ाहट में बोला, ‘‘मैं ने इंटरनैट पर देखा, तो सोचा…’’

‘सोचा क्या, आ ही जाइए. दिलरुबा आपकी खिदमत में हाजिर है. 2 घंटे के 2 हजार और पूरी रात के 10 हजार रुपए चार्ज है. बताइए, कब और कहां मिलूं? आप जैसे चाहें मेरे साथ कर सकते हैं. मैं बहुत ऐक्सपर्ट भी हूँ.’

अंकित अचानक मिली इस दावत से घबरा सा उठा और बोला, ‘‘मैं कल फोन करूंगा…’’

‘ओके स्वीटहार्ट, जब मरजी हो बता देना. दिलरुबा हमेशा तुम्हारी खिदमत में हाजिर मिलेगी. जैसे चाहोगे वैसे सैक्स करेगी और जन्नत का मजा देगी.’ फोन काट कर अंकित गटागट 3 गिलास पानी पी गया और कुछ देर बाद दिलरुबा की मीठी बातों के जाल से निकला, तो उसे समझ आया कि कहीं कोई फर्जीवाड़ा या खतरा नहीं है, बस एक बार बात कर के मिलने जाने की देर है, फिर तो मजे ही मजे हैं. अंकित ने जैसे तैसे 3 दिन काटे, फिर उसी नंबर पर फोन किया, तो उसी लड़की की आवाज आई, ‘बड़ी देर कर दी जानेमन, बोलो…’

‘‘कहां मिलोगी?’’ अंकित ने पूछा.

‘जहां तुम कहो…’ वहां से मधुर आवाज आई.

‘‘कल दोपहर 12 बजे मिलो, बसस्टैंड पर.’’

‘ओके, मैं… कौफी हाउस में बैठी मिलूंगी, गुलाबी रंग के सूट में रहूंगी.’ अगले दिन अंकित दिए पते जा पहुंचा और देख कर हैरान रह गया कि सचमुच कोने वाली सीट पर गुलाबी सूट पहने एक खूबसूरत सी लड़की कोल्ड कौफी की चुसकियां ले रही थी. अंकित उस से मुखातिब हो पाता, उस के पहले ही उस ने उंगलियों से इशारा कर उसे बुलाया. जाहिर है कि वह अपने ग्राहक को पहचान गई थी. अंकित उस के सामने जा कर बैठ गया और बातचीत करने लगा.

दिलरुबा 2 घंटे के 2 हजार रुपए ही लेगी. जगह उस की रहेगी, पर कौफी हाउस में खिलाने पिलाने, आटो रिकशा वगैरह के सारे खर्च वह खुद उठाएगा.

‘‘ठीक है,’’ अंकित उस के उभारों पर से नजर हटाते हुए थूक निगल कर बोला.

‘‘तभी इतने नर्वस हो रहे हो. चलो, रास्ते में बीयर या ह्विस्की कुछ ले लेते हैं. दोनों साथ बैठ कर पीएंगे, तो ज्यादा मजा आएगा और तुम्हारी यह ख्वाहिश भी पूरी हो जाएगी,’’ दिलरुबा बोली.

ऐसा हुआ भी. बसस्टैंड से आटोरिकशा कर के अंकित दिलरुबा के साथ वहां से तकरीबन 16 किलोमीटर दूर एक बड़े अपार्टमैंट्स के उस के फ्लैट पर पहुंचा. वहां कोई नहीं था. अंदर दाखिल होते ही दिलरुबा ने दरवाजा बंद किया और बोली, ‘‘चलो, हो जाओ शुरू…’’

‘‘पर बीयर तो ले ही नहीं पाए,’’ अंकित ने कहा.

‘‘सब है यहां, बस पैसे तुम देना…’’ फ्रिज से बीयर की बोतलें और गिलास निकालते हुए दिलरुबा ने शोख आवाज में जवाब दिया. 2 घंटे बाद अंकित उसे पैसे दे कर उस फ्लैट से बाहर निकला, तो उस के पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे थे. वाकई दिलरुबा ने उसे मजा दिया था. हालांकि शराब के एक हजार रुपए अलग से रखवा लिए थे. अंकित को इस का कोई मलाल नहीं था. 2 घंटे के दौरान किसी ने कोई दखल नहीं दिया था. दिलरुबा ने अपना फोन बंद कर लिया था और अंकित का भी बंद करा दिया था, लेकिन जाते समय उस ने अंकित को अपना पर्सनल नंबर दे दिया था कि फिर कभी मूड हो तो इस नंबर पर ही फोन करना. अंकित ने अलगअलग फोन नंबरों के घालमेल से ज्यादा सिर नहीं खपाया और इस के बाद 2 बार और इंदौर गया, तो दिलरुबा से उस के पर्सनल नंबर पर बात कर सीधे उस के फ्लैट पर जा पहुंचा और जम कर मौजमस्ती की.

बस फिर क्या था, इन्टरनेट से हर दिन अलग - अलग लड़कियों के नंबर खोजना और उन पर पैसे लुटाना यहीं अंकित का मुख्य काम बन गया और इस चक्कर में अपना सबकुछ लुटा दिया और बर्बाद हो गया. अब आप ही सोचिये "क्या ये सब ठीक है". दोस्तों मेरी नजर में यह गलत है, इस सब से दूर ही रहना चाहिए, यदि आपको भी मेरी राय पसंद आए तो इस पोस्ट को Like और share कीजिये और merahindiblog.com पर कमेंट बॉक्स में अपनी राय दीजिये.. धन्यवाद...

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